मथुरा। न्यायिक अधिकारियों पर उच्चाधिकारियों के नाम का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। एडीजे-6 को सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से नजदीकी होने का हवाला देकर शातिर ने मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराने प्रयास किया। न्यायाधीश ने जब पूछताछ शुरू की तो आरोपी हड़बड़ा कर भाग गया। पेशकार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
एडीजे-6 के रीडर ने सदर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि बुधवार को गौतमबुद्ध नगर के गांव चिट्टी निवासी विजेंद्र भाई उर्फ अजय भाटी कोर्ट में पहुंचा। उसने न्यायाधीश को सुप्रीम और हाईकोर्ट के जज का परिचय देते हुए राज्य बनाम अजीत के मुकदमे का निर्णय अपने पक्ष में करने का आग्रह किया। शातिर ने एडीजे-6 को बताया कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश की बेटी की रिंग सेरेमनी में 28 अप्रैल 2025 को शामिल हुआ था। उसने उच्च न्यायालय के जस्टिस से नजदीकी का हवाला देते हुए अपने हिसाब से कार्य करने के लिए कहा। इससे पूर्व शातिर ने एडीजे को व्हाट्सएप पर कॉल करके संपर्क साधा था।
एडीजे को शातिर पर शक हुआ तो उन्होंने उससे पूछताछ की और उच्च न्यायालय के जस्टिस के पीए से बात की। तब उन्हें जानकारी हुई कि सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश ने इस तरह के व्यक्ति को नहीं भेजा है। इसकी भनक लगते ही शातिर कोर्ट से भाग गया। कोर्ट के रीडर ने शातिर के खिलाफ सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।