मथुरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी पनीर खपाने वाले पांच विक्रेताओं पर कार्रवाई की है। जांच में नमूने फेल होने के बाद विभाग ने सभी के लाइसेंस रद्द कर संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं बृहस्पतिवार को विभिन्न स्थानों पर खोया व दूध के तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बलदेव के नगला बुर्ज में मिठाई की दुकान का निरीक्षण किया। वहां से भंडारित खोआ और मिश्रित दूध के एक-एक नमूने संग्रहित किए। वृंदावन में पंडितजी भोजनालय से तैयार सब्जी का एक नमूना लिया गया है। तीनों खाद्य नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। इधर, मांट के बाजना क्षेत्र में 16 अक्तूबर 2025 को प्रवर्तन कार्रवाई हुई थी। इस दौरान पनीर विक्रेताओं के यहां से पनीर, मिश्रित दूध और अपमिश्रित खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए थे। जांच रिपोर्ट में नमूने फेल हो गए। बृहस्पतिवार को पांचों पनीर विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है। इसमें मैसर्स गगन गणेश मिल्क प्रोडक्ट्स, विनोद डेयरी, विष्णु डेयरी, राकेश डेयरी और भावना मिल्क प्रोडक्ट शामिल हैं।
लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे मिलावट खोर
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध, मावा, पनीर, घी रिफाइंड, तेल मसालों समेत विभिन्न खाद्य वस्तुओं में मिलावट का खेल चल रहा है। खासतौर पर दूध व मावे के बाद पनीर भी बड़ी मात्रा में बिकता है। जिम ज्वाइन करने वाले युवाओं से लेकर हर वर्ग प्रोटीन के लिए पनीर का इस्तेमाल करते है। वहीं शादी, जन्मदिवस, शादी की वर्षगांठ से लेकर अनेक कार्यक्रमों में पनीर के बिना सबकुछ फीका रहता है। शहर में बड़ी संख्या में डेयरियों पर पनीर का उत्पादन एवं बिक्री की जा रही है, लेकिन शुद्ध पनीर की आड़ में बिक रहा नकली पनीर सेहत के लिए हानिकारक है।
पनीर की ऐसे करें पहचान
पनीर को पानी में उबालें और ठंडा होने पर आयोडीन टिंचर की कुछ बूंद डालें। यदि पनीर नीले रंग का होता है तो समझो की इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मिलावटी घी व मावा की पहचान भी आयोडीन टिंचर से ही हो जाएगी। टिंचर से अगर घी नीले व मावे काले रंग का हो जाए तो मिलावटी है।