वृंदावन। भागवताचार्य गोपालजी ने कहा कि भगवान का अवतार ब्राह्मणों, गो, देवताओं और साधु जनों के कल्याण के लिए होता है। इसलिए किसी भी जीव को इन चारों से वैमनस्य नहीं करना चाहिए। इनका अहित करने वाले भगवान को कभी प्रिय नहीं हो सकते।
यह बात उन्होंने निंबार्क कोट में चल रहे ठाकुर राधारमण लाल महाराज के शताब्दी पाटोत्सव में श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन व्यक्त किए। यहां श्रीकृष्ण जन्म लीला के साथ ही नृसिंह अवतार, समुद्र मंथन, वराह अवतार आदि प्रसंगों की कथा का श्रवण भक्तों को कराया। नाभा पीठाधीश्वर महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज भी प्राचीन भक्तमाल पीठ निंबार्क कोट पहुंचे। यहां उन्होंने व्यासपीठ का पूजन किया। इससे पूर्व ठाकुर ठाकुर राधारमण लाल का व्याहुला मनोरथ किया। शाम को फूलबंगला सजाया गया। समारोह में अनिरुद्ध शर्मा, अनंत शर्मा, विपुल शर्मा, बबीता शर्मा आदि मौजूद रहे।