वृंदावन। पंद्रह दिन पूर्व गांव धौरेरा और अहिल्यागंज के जंगल में जमीन में दफन मिले तेंदुए के शव के मामले में तीन नामजद व चार अज्ञात पर वृंदावन कोतवाली में वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर, पंद्रह दिन बीतने के बाद भी बरेली के आईवीआरआई (इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीटयूट) से तेंदुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट विभाग को नहीं मिली है।
तीन अक्तूबर को दोपहर धौरेरा-अहिल्यागंज के जंगलों में वन्यजीव के आने की सूचना पर वन विभाग के क्षेत्राधिकारी मेघराज शर्मा वहां पहुंचे थे। वहां उन्हें आरक्षित वन क्षेत्र में एक गड्ढे में दबा हुआ तेंदुए का शव मिली। इस पर जिला वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने जांच के आदेश दिए। इस मामले में वन विभाग ने वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
वन विभाग के अधिकारी श्याम ने वृंदावन कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। वृंदावन पुलिस ने जांच करने के बाद अहिल्यागंज निवासी बाबूललाल उसके बेटे प्रभु, जग्गे उर्फ जगदीश और चार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।