मथुरा। नगर निगम में 373 करोड़ के बजट पास करने की प्रक्रिया को लेकर नगर आयुक्त तथा महापौर आमने-सामने आ गए हैं। महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु की गैरमौजूदगी में शनिवार को नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ द्वारा बजट पास कर दिया गया। बजट पर 43 पार्षदों ने लिखकर तथा अन्य पार्षदों ने मौन स्वीकृति दी थी। बजट पास होने के बाद महापौर ने कहा है कि बजट को परिचालन विधि से पास करना लोकतंत्र की हत्या है। उधर, नगर आयुक्त ने कहा है कि उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर आए पार्षदों की सहमति से विधि सम्मत तरीके से बजट पास किया है।
नगर निगम में बजट की बैठक विगत करीब सात माह से नहीं हो सकी थी। जिसके चलते विगत दिनों बजट को लेकर बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। इस बोर्ड बैठक के शुरू होने से पहले एक महिला पार्षद द्वारा चप्पल चला दी गई। जिसके बाद बोर्ड बैठक को स्थगित कर दिया गया था। अब नगर आयुक्त द्वारा परिचालन विधि से बजट पास करने के लिए सभी पार्षदों को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने लिखा कि यदि दो दिन के अंदर कोई पार्षद अपनी आपत्ति दर्ज नहीं कराता तो उसकी स्वीकृति मान ली जाएगी।
उधर, जिन पार्षदों ने आपत्ति की थी उन्होंने सहमति प्रदान कर दी इस प्रकार कुल 70 में से 43 पार्षदों ने बजट पर अपनी सहमति प्रदान कर दी। बजट पास होते समय महापौर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा है कि परिचालन विधि से बजट पास करना लोकतंत्र की हत्या है। वह सोमवार को इस संबंध में निर्णय लेंगे।