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Mathura News: कॉरिडोर निर्माण पर ब्रज संस्कृति शोध संस्थान ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री को भेजा 12 सूत्री पत्र

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मथुरा। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में लगी भक्तों की भीड़। - फोटो : mathura
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वृंदावन (मथुरा)। बांकेबिहारी मंदिर को लेकर प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण पर मंथन शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट से इस संबंध में आदेश जारी होने के बाद ब्रज संस्कृति शोध संस्थान, वृंदावन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 12 सूत्री पत्र भेजते हुए कॉरिडोर निर्माण पर पुनर्विचार की मांग की है। संस्थान का कहना है कि यह विकास नहीं, बल्कि ब्रज संस्कृति के मूल स्वरूप के विनाश की ओर कदम होगा।
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संस्थान के सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी, संरक्षक डॉ. कृष्णचंद्र गोस्वामी ‘विभास’ और प्रकाशन अधिकारी गोपाल शरण शर्मा ने सामूहिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि वृंदावन केवल एक नगर नहीं, अपितु श्रीराधाकृष्ण की पावन लीला भूमि है जिसे तीर्थ या धाम के रूप में ही देखा जाना चाहिए न कि मात्र पर्यटन केंद्र के रूप में।
पत्र में संस्थान ने कहा है कि आज वृंदावन का जिस प्रकार से नगरीकरण हो रहा है वह इस भूमि के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भक्ति मूल्यों को निगलने जैसा है। कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट मंदिर की दिव्यता को नष्ट कर देंगे और उसे एक पिकनिक स्पॉट में बदल देंगे। यह ब्रज की आत्मा से खिलवाड़ है।
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यह भेजे गए प्रस्तावित सुधार और सुझाव

- दर्शनार्थियों की संख्या सीमित की जाए और दर्शन के लिए निशुल्क ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू हो।


- वीआईपी दर्शन पर रोक लगे। इससे आम श्रद्धालुओं के लिए अव्यवस्था नहीं होगी।
- सीसीटीवी, सूचना स्क्रीन एवं पर्ची व्यवस्था हो। बच्चों की जेब में नाम-पते की पर्ची जैसी सावधानियों को प्रचारित किया जाए।
- मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फूल-भोग आदि अलग काउंटर से लिए जाएं।

-श्रीबांकेबिहारी के सेवा-समय में अनावश्यक विस्तार न हो।

- तिरुपति जैसे मंदिरों की तरह व्यवस्थागत सुधार किए जाए लेकिन स्थापत्य और मूल भाव को सुरक्षित रखा जाए।
- प्रशासन को मन्दिर तक पहुँच के मार्ग को सहज बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

- दर्शनार्थियों के पते पर डाक/कोरियर से प्रसाद भेजा जाए।
- मंदिर की आराध्य भावना को भीड़ का बहाना बनाकर क्षति न पहुंचाई जाए।



कुछ लोग मंदिर को खुले स्थान पर स्थानांतरित करने की बातें कर रहे हैं पर क्या उन्हें श्रीहरिदास जी की उपासना-परंपरा की गहराई का ज्ञान है? श्रीबिहारीजी केवल मूर्ति नहीं, स्वयं प्रकट आराध्य हैं। उन्हीं की मर्यादा में रहकर व्यवस्था बनानी चाहिए न कि उन्हें भीड़ की सजा दी जाए।
-डॉ. कृष्णचंद्र गोस्वामी विभास

काशी में बना कॉरिडोर एक अलग परिप्रेक्ष्य में बना है। उसे वृंदावन पर थोपना अनुचित होगा। यह मंदिर की पवित्रता और भक्ति के भाव को नष्ट कर देगा और श्रीबिहारीजी का मंदिर एक पिकनिक स्थल बनकर रह जाएगा।
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-गोपाल शरण शर्मा
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