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मथुरा: वृंदावन के आश्रम में मिली संत प्रेमानंद के साधक की लाश, कटा हुआ था प्राइवेट पार्ट; जांच में जुटी पुलिस

Fri, 25 Sep 2026 06:41 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को बड़ी घटना सामने आई। एक साधु का शव मिला। साधु का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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Crime Demo - फोटो : Crime Demo
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विस्तार
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वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) ने जान दे दी। छत से नीचे गिरने के बाद अन्य साधक उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने फाॅरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया।
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पुलिस के अनुसार, वराह घाट के पास गऊ कृपा कुंज के नाम से आश्रम हैं। यहां संत प्रेमानंद महाराज के करीब 40- 50 साधक रहते हैं। चार मंजिल के इस कुंज में रहकर साधक राधारानी की उपासना कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे आश्रम की चौथी मंजिल से एक साधक ने छलांग लगा दी। आश्रम से करीब छह फुट की दूरी पर वह सड़क पर गिरे। उनके गिरते ही अफरा तफरी मच गई। उनकी पहचान जबलपुर के रहने वाले 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण के रूप में हुई। आश्रम में रहने वाले अन्य साधक तुरंत ही गाड़ी से उन्हें अस्पताल लेकर भागे। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

साधक की धोती कमर से नीचे खून से लथपथ हो रही थी और उनके मुंह से खून निकल रहा था। चिकित्सकों ने जांच की तो देखा उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने साधक के शव को पोस्टमार्टम गृह पर भेजा और जांच के लिए आश्रम पहुंच गई। थाना पुलिस की सूचना एसपी सिटी राजीव सिंह और सीओ वृंदावन संदीप सिंह भी पहुंच गए। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि साधक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की जांच स्पष्ट हो जाएगी।
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2025 से रहे थे जबलपुर के दीपक
संत प्रेमानंद महाराज को गुरु मानकर उनको अनुसरण करने के लिए 2025 में जबलपुर के दीपक वृंदावन आए। यहां आने के बाद वह यहां का ही होकर रहे गए। संत से दीक्षा लेने के बाद वह आश्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग करने लगे तो वह अन्य साधकों के साथ रहने लगे।

कुछ समय पहले ही हुआ था निर्माण
गऊ कृपा कुंज आश्रम का निर्माण कुछ समय पहले ही हुआ था। चार मंजिल के इस आश्रम में छत पर सोलर प्लांट लगा हुआ है और नीचे के तल पर कमरे बने हुए हैं। कमरों में साधक रहते हैं। गली में दो दर्जन से अधिक आश्रम बने हुए हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि आश्रम करीब दो माह पूर्व ही शुरू हुआ है।
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