प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना में भी बड़ा घोटाला सामने आया है। मंत्री और सांसदों से अपात्रों को कनेक्शन बंटवा दिए गए। गैस एजेंसियों ने भी लक्ष्य पूरा करने के लिए किसी के नाम का कनेक्शन किसी को दे दिया है। मथुरा समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों से इस प्रकार की शिकायतें पेट्रोलियम मंत्रालय तक पहुंच रही हैं। मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए जांच की मांग की है।
केस वन: अहेरियान मुहल्ला निवासी मुस्कान का नाम उस सूची में था जिसके जरिए उसे गैस कनेक्शन दिया जाना था। जब वह एजेंसी पर पहुंची तो पता चला कि उसका जो एएचएल टिन नंबर है उस पर किसी नूरजहां को कनेक्शन जारी कर दिया गया है। जब रिकार्ड चेक कराए गए तो उसकी शिकायत सही पाई गई।
केस दो: वार्ड 15 निवासी लक्ष्मी का नाम उज्ज्वला योजना की पात्रता सूची में था। गैस एजेंसी से उसके एएचएल टिन नंबर पर कनेक्शन तो लक्ष्मी के नाम से ही जारी हुआ है लेकिन वह लक्ष्मी यमुनापार इलाके की है। अब लक्ष्मी गैस कनेक्शन पर अपनी दावेदारी करती घूम रही हैं।
केस तीन: रानी मंडी निवासी कंचन का नाम भी उज्ज्वला गैस योजना वाली लिस्ट में था। कनेक्शन के लिए उसका जो एएचएल टिन नंबर जारी किया गया था उस पर गनेशधाम कालोनी निवासी एक महिला को कनेक्शन जारी कर दिया गया है। अब कंचन अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
केस चार: लक्ष्मी नगर निवासी मीना देवी का नाम भी उज्ज्वला योजना के अंतर्गत था। जब गैस एजेंसी पर पहुंची तो पता चला कि उसके टिन नंबर पर किसी कविता के नाम से कनेक्शन जारी हो गया है। अब लक्ष्मी ने सांसद को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की है। सांसद ने इस संबंध में पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र भेजकर शिकायतों की जांच कराने को कहा है।
केस पांच: वार्ड 11 निवासी कमलेश का नाम बीपीएल सूची में है। बीपीएल कार्ड भी है। गैस एजेंसी पर भी उसका नाम था। लेकिन अब पता चला कि उसके नाम का गैस कनेक्शन जयसिंहपुरा में किसी शीला के नाम से जारी हो गया है। शीला के कनेक्शन पर भी वही एएचएल टिन नंबर चढ़ा है जो कमलेश का है।
पेट्रोलियम मंत्री ने बांटे थे कनेक्शन
वृंदावन में नमामि गंगे योजना के शुभारंभ पर पहुंचे केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 200 से ज्यादा कनेक्शन का वितरण किया था। जनसंसाधन मंत्री उमा भारती ने भी उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को कनेक्शन बांटे थे। सूची भी अधिकारियों ने ही फाइनल की थी, लेकिन इस दौरान भी कई अपात्रों को कनेक्शन दे दिए गए थे।
जिला पूर्ति अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों का चयन 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है। जो बीपीएल सूची बनी थी उसके आधार पर ही कनेक्शन दिए गए हैं। उनके पास भी तमाम शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को निस्तारण के लिए गैस कंपनियों को भेज दिया जाता है।
पेट्रोलियम मंत्री से करेंगे शिकायत
भाजपा के मीडिया प्रभारी प्रदीप गोस्वामी ने बताया कि 25000 गैस कनेक्शन जिले में जारी किए गए हैं। इनमें तमाम अपात्र लोगों को गैस कनेक्शन मिलने की शिकायतें पार्टी कार्यालय तक पहुंची थीं। इन सभी शिकायतों की जांच कराने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय से मांग की गई है।