गांव ऊधर में आग लगने से दो किसानों की 12 बीघा गेहूं की फसल जल गई। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। गांव के रवि कुमार की की चार बीघा और बच्चू सिंह की आठ बीघा गेहूं की फसल जल गई। ग्रामीणों ने बताया कि दिव्यांग बच्चू सिंह ने आठ बीघा खेत बाकी पर ले रखा था। 28 अप्रैल को उसकी बेटी की शादी है।
वहीं मांट क्षेत्र में शुक्रवार को तीन स्थानों पर आग लगने से 20 बीघा गेहूं की फसल, बिटौरा व ईंधन जल गया। इससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। गांव नसीटी में रमेश चंद्र के खेत में पांच बीघा गेंहू की फसल में विद्युत चिंगारी से आग लग गई। हरनौल में साहब सिंह के खेत में विद्युत चिंगारी से पांच बीघा फसल जल गई। गांव हुलासी गढ़ी में बिटौरा और ईंधन में आग लगने से हजारों रुपए का नुकसान हो गया।
नंदगांव में बिजली विभाग की लापरवाही से क्षेत्र के छह से अधिक किसानों की गेहूं की फसल जल गई। गुस्साए लोगों ने मुआवजे की मांग करते हुए कामां मार्ग पर जाम लगा दिया। कामां रोड पर डूंडरा से किराट तक बिजली के फाल्ट के चलते खेतों में आग लग गई। गेहूं की कटाई कर रहे मजदूरों ने शोर मचाया। आसपास के लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। लोगाें ने पुलिस और अग्निशमन कर्मचारियों को फोन कर आग की सूचना दी। सूचना के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची।
एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग से ओमी, लाल सिंह, थान सिंह, श्याम लाल, मान सिंह, शिब्बा, पप्पी की 30 एकड़ फसल पूरी तरह जल गई। गुस्साए किसानों ने राजस्थान को जोड़ने वाले प्रमुख कामां नंदगांव रोड पर जाम लगा दिया। विद्युत निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों के समझाने के थोड़ी देर बाद जाम खोल दिया। एसडीएम गुलाब चंद ने मौके पर पहुंच कर नुकसान के आकंलन के आदेश दिए। पूर्व एमएलसी लेखराज चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को ढांढस बंधाया। विद्युत निगम के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मुआवजे की मांग की।