राधारानी के धाम बरसाना की सड़कें जाम की समस्या से कराह रही हैं। वीकेंड में हालत और भी खराब हो जाती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, वहीं स्थानीय लोग भी जाम में फंसकर समय बर्बाद करते हैं।
मथुरा के बरसाना में राधारानी के दर्शनों के लिए उमड़ती भारी भीड़, संकरी सडकें और पुलिस की कमजोर तैयारियां। इन तीनों की मार हर वीकेंड बरसाना को जाम की गिरफ्त में ले लेती हैं। भक्तों का सफर मंदिर से पहले ही जाम में फंस जाता है और स्थानीयों की दिनचर्या पूरी तरह ठप हो जाती है।
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शनिवार को मुख्य मार्गों पर वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं। राणा की प्याऊ, बस स्टैंड,पीली कोठी चौराहा और प्रियां कुंड मार्ग पर बार-बार आवाजाही रुकती रही। कई श्रद्धालु वाहन सड़क किनारे खड़े कर पैदल ही मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए। बच्चों और बुजुर्गों को धक्कामुक्की और थकान के बीच सफर करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की तैयारियां सिर्फ बैठकों और कागजों में दिखाई देती हैं। मोड़ों और गलियो में ई रिक्शा और बसों के खड़ा होने से स्थिति और बिगड़ जाती है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब हर वीकेंड यही परेशानी दोहराई जाती है तो समाधान क्यों लागू नहीं होता।
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स्थानीय निवासी सोनू ने कहा कि वीकेंड पर जाम अब बरसाना की पहचान बन गया है। पुलिस चौराहों पर तो दिखती है, पर जाम खोलने का कोई पक्का इंतजाम नजर नहीं किया जाता है। दुकानदार बबलू ने कहा कि बड़े-बड़े दावे होते हैं, लेकिन सड़क पर हालात पहले जैसे ही रहते हैं। किसान हो या व्यापारी सभी को अपने काम पर पहुंचने में घंटो बर्बाद करने पड़ते हैं।
नववर्ष और आगामी पर्वों के कारण भीड़ में और इजाफा होगा। स्थानीयों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते कड़ाई के साथ ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए, ताकि बरसाना आने वाले भक्तों को दर्शन के साथ राहत भी मिले और स्थानीयों को जाम की रोज की सजा से छुटकारा मिले।