मथुरा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर आयोजित देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर शुक्रवार को देखने को मिला। जिले के सभी सरकारी बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और करोड़ों रुपये का व्यावसायिक एवं अन्य लेनदेन प्रभावित हुए। इस दौरान जिले की करीब 250 शाखाएं बंद रहीं।
चौकी बाग बहादुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य परिसर के बाहर 350 से अधिक बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और इंडियन बैंक समेत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे नकद जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट और लोन से जुड़े कार्य पूरी तरह बंद रहे। यूएफबीयू के पदाधिकारियों ने पांच कार्य दिवस की व्यवस्था तत्काल लागू करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और नई पेंशन योजना को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 28 से 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। प्रदर्शन का नेतृत्व यूएफबीयू मथुरा के संयोजक जगमोहन शर्मा और केनरा बैंक अधिकारी संगठन मथुरा के क्षेत्रीय सचिव भूपेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान जितेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, बामन चतुर्वेदी, यतेंद्र गौतम, शोभित वर्मा, अरविंद त्रिपाठी और जीतू दिवाकर समेत सैकड़ों बैंक कर्मी मौजूद रहे।