बुधवार नौ मार्च को पड़ रहे सूर्यग्रहण के कारण बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी के दर्शनों का समय सूतक लगने के चलते आठ मार्च मंगलवार को परिवर्तित किया गया है। यह जानकारी सोमवार को मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि आठ मार्च को सुबह 8:45 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। 8:55 पर शृंगार आरती, दोपहर 11:55 पर राजभोग आरती के बाद 12 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
सांयकालीन बेला में दोपहर तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे और 5:55 पर शयनआरती के बाद शाम छह बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान में भी समय बदला
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव की सूचनानुसार फाल्गुन कृष्ण अमावस्या 9 मार्च की सुबह सूर्यग्रहण के कारण श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मंदिरों का आठ मार्च को दर्शन का समय परिवर्तित रहेगा।
आठ मार्च को सभी मंदिरों के पट शाम 6 बजे बंद होंगे, यह स्थिति 9 मार्च को सुबह 6:45 बजे तक रहेगी। सुबह 7:30 बजे सभी मंदिरों के दर्शन खुल जाएंगे।
द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन में परिवर्तन
सूर्यग्रहण के दिन नौ मार्च को भी द्वारिकाधीश मंदिर खुलेगा। मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी राकेश तिवारी के अनुसार इस दौरान दर्शन समय में परिवर्तन किया गया है।
8 मार्च को मंगला, शृंगार और ग्वाल की झांकी यथा समय पर, राजभोग सुबह दस से साढ़े दस तक, उत्थायन मध्याह्न दो बजकर तीस मिनट से दो बजकर 45 मिनट तक, भोग संध्या आरती साढ़े तीन बजे से 3 बजकर 45 मिनट तक और शयन शाम साढ़े चार बजे से पांच बजे तक होगी।
9 मार्च को सुबह मंगला छह बजे से छह बजकर 15 मिनट तक, इसके बाद ग्रहण के दर्शन, शृंगार, ग्वाल, राजभोग के दर्शन, शाम के दर्शन पूर्व की भांति होंगे।