स्थानीय प्रशासन और कारोबारियों का मानना है कि जैसे-जैसे सुविधाओं में विस्तार होता है। लोगों का रुझान उन स्थानों के प्रति बढ़ता है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर इसका ताजा उदाहरण है। वहां अब दोगुनी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रीबांके बिहारी की धूम विदेशों में भी है। काशी नरेश से ज्यादा वृंदावन के बांके के भक्त दुनिया में हैं।
यह दावा पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में मथुरा जिले में करीब 21.96 करोड़ श्रद्धालुओं आए हैं। इसमें सबसे अधिक 2.55 करोड़ श्रद्धालु वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। इसमें 70 हजार विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में आगरा के बाद सबसे अधिक विदेशी मथुरा में आते हैं। ब्रज में आने वाले भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं के लिए वृंदावन के श्री बांके बिहारी सबसे प्रमुख हैं। इसके अलावा गोवर्धन, कुसुम सरोवर, राधाकुंड, गोकुल, बरसाना, नंदगांव, महावन भी शामिल हैं।
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कॉरिडारे निर्माण के बाद श्रद्धालुओं में होगी दोगुना बढ़ोतरी
अधिकारियों के मुताबिक, मथुरा-वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। हर साल आठ से 10 लाख पर्यटकों में इजाफा हो रहा है। अधिकारियों का दावा है कि कॉरिडोर निर्माण के बाद आकंड़ा दो गुना हो जाएगा।
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