मथुरा में सरकारी योजना के नाम पर बैंक में धड़ल्ले से चल रहे फर्जीवाड़े का भड़ाफोड़ हुआ है। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने स्वरोजगार योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक से 9.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले बैंक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खाताधारक के दस्तावेज लगाकर लोन स्वीकृत कराया था। पुलिस ने दो जून को इसी मामले में लोन मैनेजर को जेल भेजा था। वहीं एक महिला समेत तीन आरोपी अभी भी गायब चल रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
सीओ सिटी भूषण वर्मा ने बताया कि हाईवे थाना क्षेत्र के शाहकुंज कॉलोनी निवासी सुमन सिंह ने मामले में शिकायत की थी। पीड़िता ने बताया था कि 11 मार्च 2022 को बाग बहादुर चौकी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने उनके नाम के फर्जी दस्तावेज तैयार करके 9.30 लाख रुपये का व्यावसायिक लोन स्वीकृत करा लिया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच कराई तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया।
जांच में पीड़िता के नाम से कई ऐसे दस्तावेज मिले जिनका गलत उपयोग किया था। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को चिन्हित किया था। पुलिस ने दो जून को लोन मैनेजर सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं शनिवार को हाईवे थाना क्षेत्र के राधापुरम एस्टेट निवासी बैंक एजेंट जितेंद्र को गिरफ्तार किया है। सीओ सिटी ने बताया है कि इस प्रकरण में वह पिछले तीन साल से गायब चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर शनिवार सुबह सवा 10 बजे उसे नए बस स्टैंड के पास माल गोदाम रोड से गिरफ्तार किया है। बाद में उसे जेल भेज दिया।
करीबियों के खाते में ट्रांसफर कराते थे रकम
पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी सरकारी योजनाओं के नाम पर बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। योजना का लाभ देने के नाम पर किसी भी खाताधारक के दस्तावेज लगाकर अपने करीबी के एकाउंट में रकम ट्रांसफर करा लेते थे। इन आरोपियों ने ऐसे ही सुमन सिंह के साथ किया। लोन मैनेजर सुरेंद्र ने यह रकम बैंक एजेंट जितेंद्र के खाते में ट्रांसफर कराई थी। प्रकरण में संलिप्त पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन बैंक मैनेजर रोहित दास, अमित कश्यप और एक महिला की तलाश की जा रही है। ये आरोपी भी मामले में तीन साल से वांछित चल रहे हैं।