श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब सात सितंबर को बलदेव छठ मनाई जाएगी। दाऊजी के गांव बलदेव में जन्म महोत्सव के दौरान देश-विदेश से लाखों भक्त यहां पहुंचेंगे। यहां भक्तों में नारियल हासिल करने को जबरदस्त होड़ रहती है। गर्भगृह में रहने वाले इन 21 नारियलों को हासिल करने के लिए बाकायदा मल्लयुद्ध होगा। नारियल को हासिल करने वाला अपने आप को भाग्यशाली मानता है।
इस समय दाऊजी के गांव बलदेव में घर-घर तैयारियां चल रही हैं। पूरा गांव दाऊजी की भक्ति में रंग गया है। भागवत कथा शुरू हो गई है। सात सितंबर को सुबह चार बजे मंगला दर्शन होंगे और पांच बजे अभिषेक किया जाएगा। राजभोग के बाद 21 नारियल के लिए होने वाला मल्लयुद्ध आकर्षण का केंद्र रहेगा। गर्भगृह में रखे गए यह 21 नारियल भक्तों की तरफ फेंके जाते हैं। जिसके हाथ नारियल आ जाता है लोग उससे छीनने की कोशिश करते हैं। नारियल हासिल करने को बाद में मल्लयुद्ध कराया जाता है। जो भी जीत जाता है नारियल उसी का होता है। कहा जाता है कि नारियल प्राप्त करने वाला खुद को भाग्यवान मानता है।
बेशकीमती जेवरात धारण करेंगे ब्रज के राजा
जन्मोत्सव के दिन ब्रज के राजा बलदेव बेशकीमती जेवरात धारण करेंगे। 450 साल पुराने यह दिव्य आभूषण हैं। इनमें हीरा, पन्ना, माणिक और मोती लगे हैं। हर साल छठ पर दाऊजी इन आभूषणों को धारण करते हैं। मंदिर ठाकुर दाऊजी महाराज मंदिर के रिसीवर आरके पांडेय ने बताया कि बड़ी संख्या में दाऊजी के भक्त पहुंचते हैं। पांच सितंबर से इनके आने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
5244वां जन्मदिवस मनाया जाएगा
यह बलदेवजी का 5244वां जन्मदिवस मनाया जाएगा। मंदिर के रिसीवर आरके पांडेय ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में मंगल शहनाई बजेगी। पूरे दिन भजन कीर्तन का सिलसिला चलता रहेगा। बलदेवजी का विशेष शृंगार होगा और पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। दोपहर को तीन बजे भांग का भोग लगाया जाएगा। बेसन के लड्डू से भी भोग लगाया जाएगा।
कार्यक्रम
- सुबह चार बजे मंगला दर्शन।
- सुबह पांच बजे अभिषेक किया जाएगा।
- दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव, अभिषेक और विशेष आरती।
- पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा।
- दोपहर को राजभोग किया जाएगा।
- राजभोग के बाद नारियल लुटाया जाएगा।
- दोपहर को तीन बजे भांग का भोग लगेगा।
- शाम को चार बजे दर्शन बंद हो जाएंगे।
- शाम को पांच बजे जन्म की शोभायात्रा।