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Mathura: बाढ़ के बाद बुरे हालात...मकानों में आने लगी दरारें, धंसने लगे फर्श; जलभराव से बीमारियां फैलने का खतरा

Tue, 26 Aug 2025 08:10 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में बाढ़ के पानी से घिरे रहने के कारण दीवारों पर सीलन आ गई है। फर्श धंसे हुए हैं और घर में सिल्ट जमा हो गई है। इसके अलावा घर में रखा सामान भी खराब हो गया है।
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मथुरा में बाढ़ के दाैरान हो गया था जलभराव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा-वृंदावन में यमुना में बाढ़ के कारण खादर क्षेत्र की अनेक कॉलोनियों के वाशिंदों की समस्याएं अब भी खत्म नहीं हुई हैं। पानी भले ही उतर चुका है, लेकिन घरों के आसपास और खाली भूखंडों में अब भी पानी भरा है। घरों में कई दिन तक पानी भरने के कारण कीमती सामान खराब हो गया है। मकानों के फर्श धंस गए हैं और पक्की गलियां जर्जर हो गई हैं। दीवारों पर भी दरारें आ गई हैं। राशन का सामान खराब हो चुका है। इधर, मंगलवार शाम को यमुना का जलस्तर चार सेंटीमीटर बढ़ा है।
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पानी और गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर निगम प्रशासन और चिकित्सा महकमे के दावे महज कागजों तक सीमित हैं। न तो पानी निकासी और सफाई के कोई इंतजाम हैं और न ही चिकित्सा व्यवस्था के। बाढ़ के दौरान मथुरा-वृंदवान खादर क्षेत्र की सभी कॉलोनियों में पानी भर गया था। गलियों और घरों में पांच से छह फीट तक पानी भर जाने के कारण लोगों को घर तक छोड़ना पड़ा। 

 

10 दिन तक घरों से बाहर रहे लोग अब जब वापस लौटे तो घरों की हालत देख उनके होश उड़ गए। पानी से घिरे रहने के कारण दीवारों पर सीलन आ गई है। फर्श धंसे हुए हैं और घर में सिल्ट जमा हो गई है। इसके अलावा घर में रखा सामान भी खराब हो गया है। जैसे-तैसे उन्होंने सबकुछ ठीक करना शुरू किया, लेकिन धूप निकलने के बाद मकानों में दरारें आने लगीं।
वहीं खाली भूखंडों में भरा पानी तो अब तक नहीं निकला है। 

 

निचले इलाकों में भी पानी भरा हुआ है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पानी से उठती दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने सुध नहीं ली है। न तो नगर निगम ने सफाई की व्यवस्था की है और न ही प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी जायजा लेने पहुंचा है। 

 
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चिकित्सा विभाग द्वारा भी बीमारियों से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इधर, यमुना का जलस्तर भी प्रतिदिन कम होता जा रहा था, लेकिन बीते 24 घंटे में मंगलवार को चार सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। सोमवार शाम को यह 165.31 मीटर था, जो मंगलवार शाम तक बढ़कर 165.35 तक पहुंच गया। 

सिंचाई विभाग अपर खंड एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि सोमवार शाम को हथिनीकुंड से 69291 क्यूसेक और ओखला से 27480 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से 61201 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। लगातार यमुना का जलस्तर घट रहा है, लेकिन मंगलवार शाम को जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

 
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