दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का मथुरा से गहरा ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंध था जो हमेशा उनके जीवन और कॅरिअर का अहम हिस्सा रहा। श्रीबांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोपी गोस्वामी ने अभिनेता से जुड़ी यादों को साझा करते हुए बताया कि वृंदावन में आने के बाद मनोज कुमार ने खुद बताया था कि उनके पूर्वज मथुरा के सारस्वत ब्राह्मण थे। 2005 में स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में वह बतौर मुख्य अतिथि थे। गोपी गोस्वामी उसके आयोजक थे।
गांव का नाम नहीं बता सके थे
कार्यक्रम के दौरान अभिनेता मनोज कुमार ने खुद ही कहा था कि उनके पूर्वज मथुरा जिले की तहसील मांट के पास एक गांव से थे। उन्हें हालांकि गांव का नाम ध्यान नहीं है। रोजी-रोटी के लिए उनके पूर्वज पाकिस्तान के एबटाबाद और मुल्तान में बस गए थे। विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली में आकर बस गया। मनोज कुमार ने यह भी बताया था कि उनका असली नाम हरि किशन गिरि गोस्वामी था और उनका परिवार सारस्वत ब्राह्मण समुदाय से था।
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वृंदावन में था परिवार का आश्रम
मनोज कुमार ने वृंदावन में एक और अहम बात साझा की थी कि उनके परिजनों का गुरुस्थान घासी संत मंडल आश्रम था, जो अखंडानंद जी मोतीझील आश्रम के पास स्थित है। यहां उनका आना-जाना रहा और यह स्थान उनके दिल के करीब था।
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श्रद्धांजलि सभा का हुआ आयोजन
मनोज कुमार के निधन के बाद संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति ने मथुरा में श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया। समिति के अध्यक्ष मुरलीधर गोस्वामी, सचिव गोपी गोस्वामी, संयोजक अनूप शर्मा, समन्वयक अभय वशिष्ठ और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।