20 अगस्त 20222 में हुई इस घटना के बाद प्रदेश भर में हो-हल्ला मचा था। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। इस हादसे के बाद ही श्री बांके बिहारी के भक्तों के लिए कॉरिडोर की मांग उठी। प्रशासन ने भी कोर्ट के आदेश के बाद कॉरिडोर का विकल्प सुझाया था। यहां तक कि हादसे के कुछ दिन बाद इसके लिए बिहारी जी मंदिर क्षेत्र का सर्वे भी किया गया।
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इसमें पीडब्ल्यूडी, राजस्व, नगर निगम की टीम ने कॉरिडोर सर्वे के लिए जमीन चिन्हित की। इसका अधिग्रहण करने के लिए प्रस्तावित मकानों पर लाल निशान भी लगाए गए। इसमें बिहारी जी की संकरी गलियों को भी चौड़ा करना था। लेकिन, यह मामला भी समय के साथ फाइलों में दबकर रह गया। आज एक बार फिर बिहारी जी के भक्तों के साथ बड़ा हादसा हो गया। इसमे पांच लोगों की जान संकरी गली में जर्जर बिल्डिंग गिरने से चली गई।
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Mathura: शहर के बीचो-बीच विकास बाजार स्थित घर की जर्जर छत
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में करीब 200 से अधिक ऐसी बिल्डिंग हैं, जो जर्जर अवस्था में हैं। इनमें से अधिकांश बिल्डिंग 150 से 200 साल पुरानी हैं। यह बिल्डिंग भूकंप की दृष्टि से तो किसी दशा में सुरक्षित नहीं हैं। इनमें प्राचीन मंदिर भी शामिल हैं।
इन बिल्डिंग से होने वाले हादसों को लेकर अधिकारी लापरवाह रहते हैं। किसी हादसे के बाद ही उन्हें इनकी याद आती है। इसके बाद कार्रवाई महज नगर निगम से नोटिस तक सीमित होकर रह जाती है। मथुरा-वृंदावन की इन जर्जर बिल्डिंग के हिस्से आए दिन गिर जाते हैं।