मथुरा। 21 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी की पूरी साजिश गिरफ्तार आरोपी बलदेव के मौसरे भाई रिफाइनरी थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक चौधरी उर्फ पीके ने रची थी। उसी के कहने पर बलदेव और उसके साथियों ने बैंक में खाता खुलवाया था। खाता खुलवाने के बाद उसने चेकबुक, पासबुक, एटीएम और सभी सिमकार्ड ले लिए थे। बाद में उसी ने बैंक खाते में पंजीकृत सिमकार्ड भोपाल भिजवाए थे।
खातों से ऑनलाइन ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी गौतम और बलदेव ने बताया कि अभिषेक और बदलेव मौसेरे भाई हैं। बलदेव ने ही उसे गौतम, शिवम और गोविंद से मिलाया था। बैंक में चालू खाता खुलवाने के लिए एक लाख रुपये की धनराशि भी अभिषेक ने ही जमा की थी। बैंक खाता गौतम, शिवम और गोविंद के नाम खोला गया था और उसमें कुल चार मोबाइल नंबर पंजीकृत कराए गए थे। खाता खुलवाने के बाद चेकबुक, पासबुक, एटीएम के साथ ही सभी सिमकार्ड भी वह अपने साथ ले गया था।
खाते में आने वाली धनराशि का 30 प्रतिशत कमीशन के रूप में चारों को देने की बात तय हुई थी। इस बीच कुछ रुपये अभिषेक ने चारों को दिए भी, जो उन्होंने खर्च कर लिए। 6 सितंबर को बैंक द्वारा खाते में होल्ड लगाए जाने की सूचना शाखा प्रबंधक ने फोन पर गौतम को दी थी। इससे गौतम डर गया और पूरे मामले की जानकारी अभिषेक को दी तो उसने शाम तक खाता चालू होने की बात कही। जब खाता चालू नहीं हुआ तो गौतम ने खाते में पंजीकृत दो नंबरों की डुप्लीकेट सिम निकलवा लीं।
इसकी जानकारी अभिषेक को हुई तो उसने छाता निवासी जगवीर और सैंडी से उन्हें धमकी दिलाई। साथ ही दोनों सिमकार्ड भोपाल में किसी केटी नाम के व्यक्ति को देने के लिए कहा। इसके लिए बलदेव के मोबाइल पर भोपाल की एक लोकेशन भी भेजी गई। 8 सितंबर को गौतम लोकेशन के आधार पर भोपाल के महाराणा प्रताप नगर पहुंचा और केटी व उसके साथियों को को दोनों सिम देकर लौट आया।
बरामद फोन से मिली हैं बातचीत की रिकॉर्डिंग
गिरफ्तार आरोपी गौतम के मोबाइल फोन से कुछ रिकॉर्डिंग भी पुलिस को मिली हैं। ये रिकॉर्डिंग गौतम और अभिषेक के बीच हुई बातचीत की हैं। गौतम ने बताया कि वाट्सएप कॉल पर बातचीत के दौरान उसने दूसरे फोन से ये रिकॉर्डिंग कर ली थीं।
अभिषेक ने किया था टैक्सी के किराये का भुगतान
भोपाल जाने के लिए गौतम ने रुपयों की मांग की थी। इस पर अभिषेक ने ही किराये का भुगतान किया था। किराये के रुपये सीधे टैक्सी चालक मयंक के खाते में फोन पे से भेजे गए थे।