फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयौ फागुन मास कहै सब होरी होरा, एक ओर वृषभान नंदिनी एक ओर हरि हर छोरा

विज्ञापन
विज्ञापन
बलदेव (मथुरा)। ब्रज के राजा श्रीदाऊजी महाराज के मंदिर में प्रख्यात हुरंगा के आयोजन से पहले होली के रसिया गायन की परंपरा शुरू हो चुकी है। मंदिर में सुबह-शाम वाद्य यंत्रों के साथ रसियाओं के माध्यम से होली के रंग बरस रहे हैं। दाऊजी के दर्शन को मंदिर पहुंच रहे भक्त रसिया सुन आनंदित हो रहे हैं। दाऊजी को भी गुलाल निवेदित किया जा रहा है।
विज्ञापन

वसंत पंचमी से होली की शुरूआत हो चुकी है। बलदेव के श्री दाऊजी महाराज मंदिर में इस बार 19 मार्च को भव्यता के साथ हुरंगा का आयोजन होगा। इससे पहले मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम होली का विशेष समाज गायन हो रहा है। इसमें विभिन्न वाद्य यंत्रों पर विभिन्न प्रकार के होली के पद गाए जा रहे हैं। समाज गायन दौरान सुबह व शाम श्री दाऊजी महाराज के भक्तों पर गुलाल उड़ाया जा रहा है। होली की इस मस्ती में भक्त भी आनंदित हो रहे हैं।
होली के विशेष पदों में गोप स्वरूप विभिन्न वाद्य यंत्रों पर बड़े ही गुंजायमान उच्च स्वर में पद गायन कर रहे हैं। इसमें आयौ फागुन मास कहै सब होरी होरा, एक ओर वृषभान नंदिनी एक ओर हरि हर छोरा, चल बस मेरे प्यौसार वारे रसिया हियरा उमंग वादर भये रसिया, या ब्रज में हरि होरी मचाई, इति आयी कुंवर राधिका, उति ते कुंवर कन्हाई, खेलत फाग परस्पर हिल मिल शोभा वरन न जायी, नंद घर बजत बधाई या ब्रज में हरि होरी मचाई व रस ले रे रसिया फाग कौ अनुराग कौ आदि पदों पर आनंदित भक्त भी झूमते नजर आते हैं। इसी के साथ होली का परवान धीरे-धीरे चढ़ता दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन

महाशिवरात्रि से शुरू होगा महिलाओं का नगर भ्रमण
मथुरा। महाशिवरात्रि से बलदेव में गोपी का स्वरूप महिलाएं एक साथ एकत्र होकर सुबह नगर परिक्रमा करते हुए अपने परंपरागत परिधान लहंगा फरिया आभूषण धारण कर विभिन्न होली गीत गाते हुए नगर भ्रमण करेंगी। यह क्रम हुरंगा तक लगातार चलता रहेगा। इसे होली व हुरंगा का पूर्वाभ्यास माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें