वृंदावन। सुनरख बांगर स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी में एक प्लॉट पर कब्जा करने और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि जिस व्यक्ति को प्लॉट की देखभाल के लिए रखा गया था, अब वही कब्जा छोड़ने से इनकार कर रहा है और एससी-एसटी एक्ट में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दे रहा है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी के अनुसार, रमेशचन्द पुत्र भजनलाल, गौरी पत्नी छगललाल निवासी ओल एवं महावीर पुत्र प्रेम सिंह निवासी नगला तगर, मथुरा ने 8 मई 2023 को सुरेशचन्द पुत्र कालू निवासी हताना, कोसीकलां से सरस्वती विहार कॉलोनी में स्थित लगभग 166 वर्गमीटर का प्लॉट रजिस्ट्री कराकर खरीदा था। प्लॉट पर उस समय बाउंड्रीवाल और एक कमरा बना हुआ था।
रमेशचंद द्वारा कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि प्लॉट के पूर्व मालिक सुरेशचंद ने उसकी देखभाल के लिए राजू पुत्र बांकेलाल निवासी किशोरपुरा, मथुरा को रखा था। रजिस्ट्री के बाद जब राजू से प्लॉट खाली करने को कहा गया तो उसने दो दिन का समय मांगा, लेकिन इसके बाद भी उसने कब्जा नहीं छोड़ा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि राजू अब टालमटोल कर रहा है और जब दबाव बनाया गया तो उसने एससी-एसटी एक्ट में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। साथ ही, जान से मारने की धमकी भी दी गई। कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।