मथुरा। पालीखेड़ा में बलदाऊ सिटी में प्लॉट विक्रय करने के नाम पर बिल्डर ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के साथ मिलकर कैंसर पीड़ित महिला और एक अन्य व्यक्ति से प्लॉट के नाम पर करीब 62 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। दोनों पीड़ितों ने थाने हाईवे में बिल्डर संजीव चौधरी, पत्नी गुड़िया और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत सहित कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सौंख, मगोर्रा निवासी श्याम सिंह ने दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उनके परिचित राजेंद्र सिंह ने बताया कि बताया कि उनके रिश्तेदार संजीव चौधरी की ब्रज डेवलपर्स के नाम से फर्म है। वह हाईवे पर बलदाऊ सिटी के नाम से कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। इसमें वह प्लॉट दिलवा देगा। इस पर उन्होंने कॉलोनी देखने के बाद वहां कुछ प्लॉटों को बुक कराया। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग तारीखों में 56 लाख 90 हजार रुपये बतौर एडवांस दिए। इसमें से 29 लाख 90 हजार रुपये संजीव के साले विक्रम सिंह के बैंक खाते में जमा कराए।
15 लाख रुपये संजीव के खाते में ट्रांसफर किए। 12 लाख रुपये नकद संजीव की पत्नी विजयश्री उर्फ गुड़िया को दिए। उन्होंने छह माह के भीतर बैनामा कराने का वायदा किया। लेकिन इसके बाद न तो बैनामा किया और न ही रकम लौटाई। दबाव बनाने पर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में राजेंद्र सिंह, संजीव चौधरी, पत्नी गुड़िया चौधरी, प्रदीप चौधरी, विक्रम सिंह को नामजद किया गया है।
दूसरा मामला आनंदपुरी, मथुरा की रहने वाली सुनीता ने दर्ज कराया है। उनका कहना है कि ब्रज डेवलपर्स के संजीव चौधरी का उनके पति व ससुर के पास आना-जाना था। वर्ष 2022 में उसने बलदाऊ सिटी में प्लॉट देने के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपये चेक और नकद ले लिए। इसके बाद उन्हें ब्लड कैंसर हो गया। वह इलाज के लिए जयपुर चले गए। जब इलाज के लिए और रकम की जरूरत पड़ी तो बिल्डर से अपने प्लॉट को बेचने की बात कही, लेकिन मौके पर जिस प्लॉट का सौदा किया था, वह किसी दूसरे व्यक्ति को बेचा जा चुका था। उन्होंने पैसा वापस मांगा तो बिल्डर की पत्नी ने धमकाया। इस मामले में संजीव चौधरी, उसकी पत्नी गुड़िया और एक अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी के मामलों की जांच की जा रही है।
बिल्डर के नाम पर पहले भी दर्ज हो चुकी हैं प्राथमिकी
ब्रज डेवलपर्स के प्रोपराइटर संजीव चौधरी और उनके साथियों के खिलाफ पूर्व में भी हाईवे थाने में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है।