यमुना शुद्धीकरण के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। गंगा सफाई योजना के अंतर्गत सरकार ने जो खाका खींचा है, उसी में यमुना सफाई और शुद्धीकरण शामिल है। बिना यमुना को साफ किए गंगा साफ नहीं हो सकती। यह बात केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शनिवार को केशीघाट स्थित हनुमान मंदिर पर पत्रकार वार्ता में कही।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की गंगा-यमुना और अन्य पवित्र नदियों को शुद्ध रखने के लिए सरकार जल्द ही संसद में विधेयक लाने वाली है। इससे देश की सारी नदियों का सुधार होगा, साथ ही नदियों को जोड़ने का पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि यमुना शुद्धीकरण के लिए उन्होंने स्वयं उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से वार्ता की है, इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही निकलेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यमुना में गिरने वाले नालों और लोगों के द्वारा डाले जाने वाले कचरे को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को भी आवश्यक निर्देश देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यमुना मुक्तिकरण आंदोलन की जिन मांगों को स्वीकारा गया है, उन पर अमल किया जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा एक समिति का गठन कर दिया गया है। मंत्रालय के सचिव समिति के अध्यक्ष होंगे। इससे पूर्व उन्होंने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर दासबिहारी अग्रवाल, सभासद वैभव अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।