फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमद्वितीया पर नहीं मिलेगा हिंडेन कट से गंगाजल

Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
Mathura
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। यमद्वितीया पर इस बार लाखों श्रद्धालुओं को मैली यमुना में ही डुबकी लगानी होगी। गंगा जल के सहारे यमुना जल के मैल को धोने की कोशिश नाकाम हो गई है। इस बार हिंडेन कट से एक बूंद तक गंगा जल यमुना को नहीं मिल सकेगा।
विज्ञापन

यमुना जल की हकीकत किसी से छुपी नहीं है। फिर भी धर्म के प्रति अटूट आस्था के चलते सैकड़ों लोग हर दिन यमुना के इसी जल में स्नान करते हैं। यमद्वितीया पर तो यहां स्नान के लिए यमुना भक्तों का हुजूम उमडे़गा। लाखों लोग यमुना में इस दिन डुबकी लगाएंगे लेकिन इस बार उन्हें दूषित यमुना जल में ही डुबकी लगानी होगी। इस बार यमुना के मैल को धोने के गंगा जल नहीं मिलेगा।
पिछले कई सालों से यमद्वितीया के दौरान यमुना स्नान के लिए गंगा जल की व्यवस्था कर ली जाती थी। हरनौल के साथ हिंडेन कट से करीब 1000 क्यूसिक गंगाजल यमुना में छोड़ा जाता था। इससे पहले से यमुना में ठहरा प्रदूषित पानी बह जाता था और गंगाजल में लोग डुबकी लगाते थे लेकिन इस बार यमद्वितीया पर हिंडेन कट से एक बूंद भी गंगा जल नहीं मिल सकेगा। वर्तमान में हिंडेन नदी सूखी पड़ी है। ऐसे में अब अतिरिक्त गंगाजल नहीं मिल सकेगा। हालांकि हिंडेन कट की पूर्व व्यवस्था को बनाने के लिए डीएम ने प्रमुख सचिव सिंचाई से बात की थी परंतु सफलता नहीं मिल सकी।
विज्ञापन


अब ओखला पर टिकी नजर
मथुरा। हिंडेेन से गंगा जल मिलने की संभावना खत्म होने के बाद अब ओखला बैराज पर नजरें टिक गई हैं। कोशिश की जा रही है कि किसी तरह यमद्वितीया के मद्देनजर ओखला बैराज से अतिरिक्त जल यमुना में छोड़ दिया जाए, जिससे यमुना के वर्तमान प्रदूषित जल को बहाया जा सके। इसके लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

नदी के जीवन को चाहिए 350 क्यूसिक पानी
मथुरा। हाईकोर्ट के आदेश के तहत किसी भी नदी के जीवन के लिए कम से कम 350 क्यूसेक पानी चाहिए लेकिन यमुना में पानी की यह मात्रा भी मौजूद नहीं है। ओखला बैराज से करीब 100 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। ये पानी यूपी के हिस्से का है। बाकी की पूर्ति यमुना से जुडे़ अन्य प्रदेशों को करनी है, जो उनके द्वारा नहीं की जा रही है। हालांकि उन्होंने इसके लिए हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया है।

यम की फांस से मुक्ति का पर्व है यमद्वितीया
मथुरा। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार यमद्वितीया पर मथुरा में यमुना स्नान करने से यम की फांस से मुक्ति मिलती है। यह वरदान महाराज यमराज ने अपनी बहिन यमुना को दिया था। इसीलिए यमद्वितीया (भैया दौज) पर लाखों भाई-बहन एक-दूसरे की बांह पकड़कर यम की फांस से मुक्ति के लिए यमुना में डुबकी लगाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें