मथुरा। सीजेएम उत्सव गौरव राज की कोर्ट से सोमवार को 27 साल पुराने हमले के प्रकरण में पांच दोषियों को तीन-तीन साल कैद और 7-7 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, तीन दोषी कोर्ट से गैरहाजिर रहे। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
एसपीओ एस प्रसाद यादव ने बताया कि पांच अक्तूबर 1997 को जयसिंहपुरा, गोविंद नगर निवासी गोविंद शर्मा द्वारा थाना गोविंद नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें जयसिंह पुरा के लक्ष्मीकांत, रमाकांत, बृजगोपाल, आनंद, कौशल, शंकर, गीता और रीता व भोले शंकर को नामजद किया गया था। आरोप था कि इन सभी ने एक राय होकर घर में घुसकर घातक हथियारों से हमला किया। मामले की पुलिस ने जांच की तो महिला आरोपियों की भूमिका न पाते हुए मुकदमे से नाम निकालने की बात हुई। वादी इस तर्क से खुश नहीं हुआ। वह सीबीसीआईडी में विवेचना को चला गया।
वहां से विवेचना हुई तो जयसिंह पुरा के लक्ष्मीकांत, रमाकांत, बृजगोपाल, आनंद, कौशल, शंकर, गीता और रीता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने सभी को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया। सोमवार को लक्ष्मीकांत, गीता और रीता कोर्ट से गैर हाजिर रहे। अन्य सभी दोषी प्रस्तुत हुए। प्रस्तुत दोषी रमाकांत, बृजगोपाल, आनंद, कौशल, शंकर को तीन-तीन साल की कैद और 7-7 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, लक्ष्मीकांत, गीता और रीता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।