अपनी दुनिया बसाने की चाहत में नारी निकेतन तक पहुंची तमाम लड़कियों को जल्द ही आजाद कर दिया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर इन्हें मुक्त करने की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें से चार मथुरा जिले की लड़कियों को कोर्ट में पेश किया गया।
मथुरा स्थित नारी निकेतन में 50 से अधिक लड़कियां विभिन्न अपराधों में कैद हैं। यह आगरा और अलीगढ़ मंडल के जिलों की रहने वाली हैं। इनमें अनेक लड़कियां प्रेमी के साथ अपना घर बसाने की चाहत में चुपके से अपने पिता की देहरी लांघी थीं। इनके परिवारीजनों ने इन्हें अवयस्क बताते हुए संबंधित थाने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब ये नारी निकेतन में कैद हैं।
इन्हीं लड़कियों में शामिल हाथरस की अन्नों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी कि वह वयस्क है, उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने की छूट प्रदान की जाए। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 फरवरी को दिए आदेश में मथुरा नारी निकेतन में कैद लड़कियों को मेडिकल रिपोर्ट सहित 9,10 मार्च को तलब किया था। हाईकोर्ट के आदेश पर 40 लड़कियां इलाहाबाद हाईकोर्ट ले जाई गईं। सुनवाई के दौरान 39 लड़कियों ने अपने परिवारीजनों के साथ न जाने की इच्छा जाहिर की है। सिर्फ एक लड़की ने ही परिवारीजनों के साथ जाने की इच्छा जताई।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नारी निकेतन में कैद लड़कियां वयस्क थीं। इस पर कोर्ट ने सभी को मुक्त करने का आदेश दिया। इसके पालन में जिला प्रशासन नारी निकेतन की लड़कियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिहा करने में जुट गया है। शुक्रवार को मथुरा की दो लड़कियों को एसीजेएम कोर्ट और दो को एडीजे फर्स्ट कोर्ट में पेश किया गया। इसके अलावा अन्य लड़कियों को भी संबंधित जिलों में भेजने की तैयारी चल रही है। इसमें सबसे अधिक 15 लड़कियां फीरोजाबाद जिले की हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के पालन में नारी निकेतन में कैद लड़कियों को संबंधित जिलों में भेजने की तैयारी की जा रही है। इन्हें न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद रिहा कर दिया जाएगा।
-ओमप्रकाश, जिला प्रोवेशन अधिकारी