छाता। कस्बे में पिछले दो दिनों से बिजली संकट जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 33 केवी मुख्य आपूर्ति लाइन बार-बार ठप होने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे पानी का संकट गहरा गया है। बिजली न आने से आक्रोशित सैकड़ों उपभोक्ताओं ने शनिवार देर रात करीब एक बजे छाता बिजलीघर का घेराव कर नारेबाजी की।
हालांकि अधिकारियों ने लाइन को चालू किया, लेकिन रविवार को फिर से पूरे दिन बिजली नहीं आई। मनोनीत सभासद अमित कुमार ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उपभोक्ता समय पर बिल चुकाते हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने स्थायी समाधान न होने पर चिंता व्यक्त की। छाता देहात के प्रधान कृष्णकांत ने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली-पानी जैसी सेवाओं का ठप होना प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने बिजली कर्मचारियों पर फोन न उठाने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कही।
उपभोक्ताओं का आंदोलन जारी
बिजली संकट के कारण घरों में पानी की समस्या खड़ी हो गई है। फ्रीज समेत सभी उपकरण शोपीस बन गए हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बिजली न आने से परेशान हैं। उपभोक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक बिजली आपूर्ति सुचारु और स्थायी रूप से ठीक नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।