मथुरा में लगने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेले में भले ही एक माह का समय हो, लेकिन प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेला में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही आवागमन की रणनीति बनाने में प्रशासनिक मशीनरी जुट गई है। गत दिवस तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक भी हुई।
तीन जुलाई को मुड़िया पूर्णिमा है। इस दिन गोवर्धन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन महाराज की परिक्रमा करेंगे। परिक्रमार्थियों को लाने और ले जाने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल रोडवेज बसों का होता है। यही कारण है कि परिवहन निगम अधिकारियों ने अभी से मेला में श्रद्धालुओं को लाने और ले जाने के लिए बसों की डिमांड सूची बनाई है। इस बार 15 सौ बसों की मांग की सूची प्रशासन को सौंपी है। जबकि पिछली साल परिवहन निगम की 1200 बसों का संचालन मेले में किया था।
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यहां से आती हैं बसें
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार मेले के लिए आगरा, कानपुर, अलीगढ़, मेरठ, झांसी से बसें आती हैं। पांच दिन तक इन बसों को यात्रियों की संख्या के अनुरूप संचालित किया जाता है। इसके बाद इन्हें वापस भेज दिया जाता है। मथुरा डिपो के एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि पिछली बार 12 सौ बसों का संचालन हुआ था, जबकि इस बार 15 सौ बसों की मांग प्रशासन से की गई है। आवश्यकता हुई तो बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।