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Mathura News: 15 हजार बुजुर्गों को अपनों से खतरा

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मथुरा। जिले में करीब 15 हजार बुजुर्गों को अपनों से खतरा है। डीजीपी के आदेश पर संचालित ऑपरेशन सवेरा के तहत यह बात सामने आई है।
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अकेले रहने व पारिवारिक विवाद की शिकायत करने वाले व धनाढ्य बुजुर्गों का पुलिस द्वारा ऑपरेशन सवेरा के तहत थानावार ऑडिट कर डाटा लखनऊ स्थित डायल-112 मुख्यालय में दर्ज कराया गया है। इनके मोबाइल नंबरों को हाई रेस्पांस पर रखा गया है, जिससे ये लोग किसी अपरिहार्य स्थिति में फोन करें तो कम से कम समय में इनके पास पुलिस मदद के लिए पहुंच सके। जिले के करीब 20 हजार बुजुर्गों का पंजीकरण इस योजना के तहत किया गया है। 15 हजार का मोबाइल नंबर 112 डायल लखनऊ मुख्यालय में हाई रिस्पांस मोड पर फीड किया गया है।
मथुरा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसमें घर में घुसे बदमाशों ने बुजुर्ग महिला और पुरुष को टारगेट बनाकर लूटपाट की या फिर अपनों ने ही संपत्ति की खातिर बुजुर्गों को मौत के घाट उतार दिया। संतानों द्वारा भी संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी को देखते हुए पुलिस वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन सवेरा योजना चला रही है। योजना के तहत मकानों और फ्लैट में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को चिह्नित कर उनकी जिम्मेदारी प्रत्येक थाने के बीट सिपाहियों को दी गई है।
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वे अपने क्षेत्र के बुजुर्गों का डाटा तैयार कर सप्ताहवार थाने के प्रभारी के माध्यम से डायल 112 कार्यालय को भेजते हैं। वहां से इन बुजुर्गों का नंबर डायल-112 की टीम हाई रिस्पांस मोड में फीड करती है।


घर पहुंचकर भी पुलिस पूछेगी समस्या
ऑपरेशन सवेरा के तहत बुजुर्गों का पंजीयन करने के साथ ही थानाध्यक्षों को इनकी समय-समय पर निगरानी का जिम्मा भी दिया गया है। पंजीकृत बुजुर्गों का कंट्रोल रूम में नाम, मोबाइल नंबर, उम्र, घर का पता, गूगल मैप पर उनके घर की लोकेशन आदि सुरक्षित की गई है। यही नहीं संबंधित थाने की यह जिम्मेदारी भी है कि कर्मी समय-समय पर वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर समस्याओं को सुनें। निस्तारण के साथ ही हाल-चाल भी लें।



112 पर कॉल कर खुद भी करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
बुजुर्ग 112 पर कॉल कर खुद भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसका फायदा उस वक्त मिलता है, जब किसी आपात स्थिति में फंसे होते हैं। बुजुर्ग 112 डॉयल करेंगे तो फोन प्राथमिकता पर रिसीव होगा। पहले से ही पुलिस के पास डाटा सेव रहेगा तो आसानी से पांच से आठ मिनट में मदद को पहुंच सकेगी।
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वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए ऑपरेशन सवेरा के तहत काम किया जा रहा है। बुजुर्गों से अपील है कि खुद भी इस मुहिम में आगे आकर जुड़े, जिससे पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
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