रंगजी मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव की जानकारी देते आयोजक
वृंदावन। श्री रंगनाथ मंदिर में 17 मार्च से 10 दिवसीय भव्य ब्रह्मोत्सव का शुभारंभ होगा। यह उत्सव रामानुज संप्रदाय की वैदिक परंपरा के अनुसार विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न होगा। मंदिर प्रबंधन ने इस उत्सव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी रघुनाथ आचार्य ने बताया कि रंगनाथ मंदिर में वर्षभर मंगल उत्सवों की शृंखला जारी रहती है लेकिन इन सभी में ब्रह्मोत्सव सबसे प्रमुख है। उत्सव की शुरुआत अंकुरारोपण, देव आह्वान एवं ध्वजारोहण से होगी, जिसमें दक्षिण भारतीय वेदपाठी विद्वान वैदिक मंत्रों का उच्चारण करेंगे।
मंदिर प्रबंधक कृष्णन के अनुसार 17 मार्च को ठाकुर रंगनाथ भगवान स्वर्ण निर्मित पूर्ण कोठी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद प्रतिदिन ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान विभिन्न स्वर्ण एवं रजत निर्मित वाहनों जैसे सूर्यप्रभा, चंद्रप्रभा, गरुड़, हनुमान, पालकी, सिंह, अश्व एवं सिंहशार्दुल पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे।
मंदिर की सीईओ अनघा श्रीनिवासन ने बताया कि उत्सव का मुख्य आकर्षण विशाल चंदन निर्मित रथ होगा, जिसमें 23 मार्च को ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान विराजित होकर भक्तों को कृतार्थ करेंगे। 24 मार्च को आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। 26 मार्च को पुष्पक विमान पर विराजमान ठाकुरजी के साथ इस महोत्सव का समापन होगा।