उत्तर प्रदेश में शामली के सल्फा गांव निवासी कश्मीर में तैनात सेना का जवान आशीष मलिक घुसपैठियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गया।
बुधवार को गांव में शव पहुंचने पर सैकड़ों लोग उसके अंतिम दर्शन को पहुंचे। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
गांव सल्फा निवासी रामकुमार के दो बेटे आशीष मलिक और नीरज मलिक दोनों सेना में हैं। उनका बड़ा बेटा आशीष मलिक वर्ष 2005 में 58 आरआर रेजीमेंट में भर्ती हुआ था और छह महीने से कश्मीर के रामबन में तैनात था।
तीन दिन पूर्व रात में घुसपैठियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच वहां जवानों की घुसपैठियों से मुठभेड़ हो गई, जिसमें आशीष शहीद हो गया।
आशीष की शादी पांच दिसंबर 2012 को थाना सरधना के गांव छुर की अलका से हुई थी। उसकी माता ओमकली का कहना है कि उसके दो बेटे देश की रक्षा के लिए सेना में हैं, उसे गर्व है कि उसका बेटा देश की रक्षा के लिए शहीद हुआ है।