जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय...। यह कहावत सकौती के पास चरितार्थ होती दिखी। एक युवक मालगाड़ी के नीचे से निकलना चाहा, लेकिन अचानक वह चल पड़ी।
इससे वह पाइपों को पकड़कर लटक गया और एक किमी तक घिसटता चला गया। शोर मचाकर लोगों ने मालगाड़ी रुकवाई तो बस उसका पांच छिला मिला।
सकौती क्षेत्र के दादरी गांव निवासी सोहनवीर (40) किसान है। शनिवार दोपहर में उसे जरूरी काम से सकौती बाजार आना था। इसके लिए वह घर से सकौती रेलवे फाटक पहुंचा तो वहां एक मालगाड़ी खड़ी थी। वह मालगाड़ी के आगे या पीछे से निकलने के बजाय शार्टकट अपनाते हुए उसके नीचे से निकलने लगा।
अभी वह उस पार पहुंचा भी नहीं था कि अचानक मालगाड़ी चल दी। इससे वह घबरा गया और जान बचाने के लिए ट्रेन के नीचे लगी पाइपों को पकड़कर लटक गया और ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी।
इसी बीच आसपास खड़े कुछ लोगों की नजर ट्रेन के नीचे के नजारे पर पड़ी तो उनकी चीख निकल गई। उन लोगों ने शोर मचाते हुए मालगाड़ी के गार्ड को बताया कि नीचे एक युवक फंस गया है।
इस पर गार्ड ने वॉकीटॉकी से चालक से संपर्क किया, लेकिन जब तक चालक ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकता वह एक किमी आगे पहुंच गई थी।
ट्रेन रुकने पर लोगों ने सोहनवीर को नीचे से निकाला तो बस उसका पांव छिल गया था। इसके बाद भी उसे साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसने भी यह वाकया सुना उसकी जुबां से निकल पड़ा कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय...।