मुरादाबाद में ट्रेन की जनरल बोगी में इलाज न मिलने से एक यात्री की हालत बिगड़ गई। उसे मुरादाबाद में उतार लिया गया। गरीब परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन सोलह घंटे तक संघर्ष के बाद उसकी मौत हो गई।
गरीबी के चलते परिवार वाले शव को जिला अस्पताल परिसर में लेकर बैठे रहे। लोगों की मानवता जगी और उसके अंतिम संस्कार के लिए चंदा जुटाया गया। देर शाम लालबाग शमशान घाट पर संस्कार कर दिया गया।