'श्रीमान जी मैं अपने होश-ओ-हवास में यह पत्र लिख रहा हूं। मुझ पर जीआरपी वालों ने चोरी का माल खरीदने का झूठा इल्जाम लगाया था। लेकिन मैंने माल नहीं खरीदा था। इन लोगों ने मुझे नहीं छोड़ा।'
'कह रहे थे दो लाख रुपये दो तो हम छोड़ देंगे। मेरे पास पैसे नहीं थे। इन लोगों ने मुझे जेल भेज दिया और मुझ पर गैंगस्टर लगा दिया। बस इसी को लेकर मैं परेशान था। मैं आत्महत्या कर रहा हूं, पत्नी समेत।'
जीआरपी के उत्पीड़न से तंग आकर मुरादाबाद में सोमवार रात एक सर्राफा दंपति ने खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में व्यापारी नरेश रस्तोगी ने यह बातें लिखी हैं।
सर्राफ नरेश रस्तोगी की जयंतीपुर में पूनम ज्वैलरी शॉप है। उसके तीन भाई दिनेश, कुलदीप और प्रदीप अपने परिवारों के साथ एक ही मकान में रहते हैं। सोमवार रात सभी छत पर सोने गए थे। सुबह बारिश होने पर नरेश्ा नीचे आकर पत्नी पूनम के साथ अपने कमरे में सो गया।
मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद जब नरेश का कमरा नहीं खुला तो बड़े भाई दिनेश की पत्नी ने दरवाजा खटखटाया। फिर भी दरवाजा नहीं खुला। जब खिड़की से देखा तो अंदर दोनों की लाशें पड़ीं थीं।
घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वालों ने दोनों के शव बाहर निकाले। वहां पर दोनों के सुसाइट नोट मिले। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। घरवालों ने दोनों के सुसाइड नोट पुलिस को दिए।
नरेश की पत्नी का सुसाइड नोट
'सास मम्मी और अपनी मम्मी, हम इच्छा से अपनी बेटी की जान आपको सौंप रहे हैं और यह उम्मीद करते हैं कि आप इसको पढ़ाओगे और अच्छी शादी कराओगे।'
'यह हमारी आखिरी इच्छा है। जाने-अनजाने कोई गलती हुई हो तो उसे माफ करें। साक्षी तुम अपना ध्यान रखना। बेटी तुमको तेरे मम्मी पापा का प्यार।'