मैनपुरी। सुविधाएं देने के नाम पर मोटी फीस लेने वाले स्कूलों की ग्रडिंग की जाएगी। सीबीएसई के इस कदम से स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगती नजर आएगी। स्कूल संचालक बोर्ड से जारी होने वाले कार्यक्रमों को नजरअंदाज नहीं कर सकेंगे। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा स्कूलों की गतिविधियों को जांचकर उनको ग्रेड दिया जाएगा।
नए शैक्षणिक सत्र से लागू होने वाली व्यवस्था को सीबीएसई ने स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और प्रत्यायन योजना (एसक्यूएएएस) का नाम दिया है। विशेष टीम स्कूलों में जाकर शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को देखेगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर स्कूल को ग्रेड दिया जाएगा। स्कूलों का निरीक्षण कराने से पहले बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इसमें आवश्यक सूचनाओं के साथ विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक और कर्मचारियों की संख्या व उनकी योग्यता, स्कूल बुनियादी ढांचा, पुस्तकालय और खेल सुविधाओं संबंधी जानकारी देनी होगी।
निरीक्षण के लिए तैयार होगी प्रश्नावली
निरीक्षण के दौरान बोर्ड से नियुक्त विशेष जांच दल स्कूल से जुड़े सभी व्यक्तियों और अभिभावकों से भी सवाल पूछेगा। साथ ही स्कूल के आसपास रहने वाले लोगों से भी जानकारी ली जाएगी। स्कूलों में अग्नि सुरक्षा के उपायों, पीने के पानी की व्यवस्था सहित मानव संसाधन विकास के कार्य भी जांचे जाएंगे।
...तो रद्द हो सकती है मान्यता
सीबीएसई ने स्कूलों को मान्यता प्राप्त घोषित करने को मूल्यांकन और प्रत्यायन योजना शुरू की है। निरीक्षण के दौरान अगर स्कूल को 50 फीसद से कम अंक मिलते हैं तो मान्यता भी रद हो सकती है।
पहल से अभिभावकों में खुशी
सीबीएसई स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे अभिभावकों में बोर्ड के निर्णय से खुशी है। अभिभावक पंकज कुमार, राजेश सिंह, दीपक चौहान, प्रीती सिंह, पूनम मिश्रा आदि का कहना है कि सुविधाओं के नाम अभिभावकों से अधिक पैसा लिया जाता है। साथ ही बच्चों को ढंग से सुविधा भी नहीं दी जाती है। निरीक्षण के खौफ से बच्चेां को अच्छी सुविधा भी मिल सकेगी।
बोर्ड द्वारा निरीक्षण कराने की पहल अच्छी है। इससे स्कूलों में शिक्षा का और स्तर सुधरेगा। साथ ही मूल्यांकन होने से स्कूल प्रबंधन को भी विद्यालय में चल रही कमियों की जानकारी हो सकेगी। वैसे सीबीएसई विद्यालयों में प्रतिवर्ष स्कूल प्रबंधन द्वारा निरीक्षण किया जाता है। बोर्ड द्वारा निरीक्षण कराना अच्छा निर्णय है।
- डाक्टर राममोहन, प्रबंध निदेशक, सुदिति ग्लोबल एके डमी