तेजप्रताप यादव का भी ये चुनाव इम्तिहान
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज से सांसद चुने जाने के बाद करहल सीट से इस्तीफा दे दिया था। करहल सीट पर उप चुनाव हो रहा है। यहां मुकाबला सपा और भाजपा में है, लेकिन बसपा भी पूरी ताकत लगा रही है। सपा से अखिलेश यादव के भतीजे और पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने मुलायम सिंह यादव के दामाद अनुजेश सिंह को मैदान में उतारा है। सपा के पास ये सीट लंबे समय से है, ऐसे में सपा के सामने यहां अपनी बादशाहत कायम रखना बेहतर जरूरी है। अखिलेश यादव की छोड़ी हुई सीट होने के चलते यहां सीधे तौर पर सपा अध्यक्ष की ही प्रतिष्ठा दांव पर है। इसके साथ ही मैनपुरी से सांसद रह चुके तेजप्रताप यादव का भी ये चुनाव इम्तिहान ही है।
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इनके लिए भी अग्रि परीक्षा हे ये चुनाव
इसके अलावा सपा से विधायक शिवपाल सिंह यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव के साथ-साथ भाजपा से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री अजीत पाल के लिए भी ये चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। इन तीनों मंत्रियों का संयुक्त रूप से करहल उप चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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डिंपल पास होंगी या फेल...
मुलायम के निधन के बाद दिसंबर 2022 में हुए उप चुनाव में डिंपल यादव सांसद बनीं थीं। 2024 में हुए लोकसभा के आम चुनाव में भी डिंपल ने जीत बरकरार रखी। डिंपल लगातार मैनपुरी की जनता से संपर्क बनाए हुए हैं। ऐसे में करहल उप चुनाव डिंपल के लिए भी एक परीक्षा ही है। करहल चुनाव के परिणाम ये तय करेंगे कि डिंपल मैनपुरी में मुलायम के पद चिह्नों पर हैं या नहीं।
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