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UP: करहल के रण में मुलायम और लालू के दामाद... क्या अखिलेश बचा पाएंगे विरासत? CM Yogi की प्रतिष्ठा  भी दांव पर

Tue, 29 Oct 2024 02:19 PM IST
धीरेन्द्र सिंह ज्योत्यवेंद्र दुबे, मैनपुरी

सार

Up By Election 2024: उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव में करहल सीट सबसे हॉट बन गई है। इस सीट पर भाजपा ने सैफई परिवार के रिश्तेदार को टिकट देकर मुकाबला कड़ा कर दिया है। ऐसे में अखिलेश यादव के सामने विरासत बचाने की चुनौती है, तो वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के लिए भी भाजपा की हार का सूखा खत्म करने का बड़ा लक्ष्य है।
 
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सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Karhal By Election 2024:  मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट पर हो रहे उप चुनाव में सपा और भाजपा के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। सपा के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सामने विरासत बचाने की चुनौती है तो वहीं उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के लिए भी भाजपा की हार का सूखा खत्म करने का बड़ा लक्ष्य है। इसके साथ ही अन्य कई नेता और मंत्रियों की प्रतिष्ठा इस चुनाव से जड़ी हुई है।
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तेजप्रताप यादव का भी ये चुनाव इम्तिहान
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज से सांसद चुने जाने के बाद करहल सीट से इस्तीफा दे दिया था। करहल सीट पर उप चुनाव हो रहा है। यहां मुकाबला सपा और भाजपा में है, लेकिन बसपा भी पूरी ताकत लगा रही है। सपा से अखिलेश यादव के भतीजे और पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने मुलायम सिंह यादव के दामाद अनुजेश सिंह को मैदान में उतारा है। सपा के पास ये सीट लंबे समय से है, ऐसे में सपा के सामने यहां अपनी बादशाहत कायम रखना बेहतर जरूरी है। अखिलेश यादव की छोड़ी हुई सीट होने के चलते यहां सीधे तौर पर सपा अध्यक्ष की ही प्रतिष्ठा दांव पर है। इसके साथ ही मैनपुरी से सांसद रह चुके तेजप्रताप यादव का भी ये चुनाव इम्तिहान ही है।

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सीएम योगी और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की प्रतिष्ठा भी दांव पर
वहीं भाजपा में सीधे सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी 10 विधानसभा सीटों की कमान संभाली थी। उन्होंने ही तीन-तीन मंत्रियों की टीम बनाकर उप चुनाव वाली सीटों का जिम्मा सौंपा था। चुनाव से पहले सीएम योगी करहल विधानसभा क्षेत्र के बरनाहल में जनसभा करने आए थे। इसके साथ ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था। वे भी चुनाव से पहले ही करहल आकर जनसभा कर चुके हैं। ऐसे में करहल सीट पर भाजपा की प्रतिष्ठा के साथ-साथ सीएम योगी और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।

 

इनके लिए भी अग्रि परीक्षा हे ये चुनाव
इसके अलावा सपा से विधायक शिवपाल सिंह यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव के साथ-साथ भाजपा से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री अजीत पाल के लिए भी ये चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। इन तीनों मंत्रियों का संयुक्त रूप से करहल उप चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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डिंपल पास होंगी या फेल...
मुलायम के निधन के बाद दिसंबर 2022 में हुए उप चुनाव में डिंपल यादव सांसद बनीं थीं। 2024 में हुए लोकसभा के आम चुनाव में भी डिंपल ने जीत बरकरार रखी। डिंपल लगातार मैनपुरी की जनता से संपर्क बनाए हुए हैं। ऐसे में करहल उप चुनाव डिंपल के लिए भी एक परीक्षा ही है। करहल चुनाव के परिणाम ये तय करेंगे कि डिंपल मैनपुरी में मुलायम के पद चिह्नों पर हैं या नहीं।

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भाजपा ने खेला यादव कार्ड
भाजपा ने खेला है यादव कार्ड इस बार भाजपा भी पूरी रणनीति के साथ करहल उप चुनाव के मैदान में है। यादव बहुल विधानसभा सीट को देखते हुए इस पर भाजपा ने भी यादव कार्ड खेला है। फिरोजाबाद के भारौल निवासी अनुजेश सिंह को प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने एक तीर से दो निशाने किए हैं। एक तरफ अनुजेश यादव जाति से आते हैं तो वहीं दूसरी तरफ अनुजेश की मां उर्मिला यादव दो बार घिरोर विधानसभा सीट से विधायक रही हैं। बाद में घिरोर विधानसभा सीट को खत्म कर करहल में शामिल कर दिया गया था। ऐसे में यहां उनका लोगों से पुराना जुड़ाव है। इसके साथ ही मुलायम के दामाद होने के चलते सैफई परिवार से भी उनका नाता पुराना है।
 
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