कीटनाशक दवा से तीन नीलगाय मरीं
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गर्मी की मक्का औंछा क्षेत्र में नील गायों के लिए काल बनती जा रही है। क्षेत्र में तीन नीलगायों की कर चुकी हैं। नीलगाय के एक बच्चे तो आंखें तक कमजोर हो गई हैं। ग्रामीणों ने उपचार कराने की मांग की है।
गर्मी में मक्का की फसल में ग्रामीण खेत में फोरेट कीटनाशक दवा का छिड़काव करते हैं। कीटनाशक की दुर्गंध के चलते जानवर मक्का के खेत में फसल नहीं खाते हैं। गर्मी के मौसम में हरा चारा देख नीलगाय मक्का को खा रहे हैं। मक्का खाने से पिछले दिनों क्षेत्र में तीन नीलगाय मर चुकी हैं। नीलगाय के एक बच्चे की नेत्र ज्योति प्रभावित हो गई है। क्षेत्र के व्यास मुनि आश्रम के सामने गेहूं के एक खेत में नीलगाय का बच्चा पड़ा हुआ है। नीलगाय के इस बच्चे को दिखाई नहीं दे रहा है। आश्रम के साघु संत तथा ग्रामीण उसके चारे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। क्षेत्रवासी विजयपाल, अनुजेश कुमार, प्रदीप यादव, राजीव यादव, शिवमंगल यादव आदि ने नेत्र ज्योति प्रभावित होने वाले नीलगाय के बच्चे का इलाज कराने की मांग डीएम से की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेश कुमार सारस्वत का कहना है उनकी जानकारी में मामला नहीं है। टीम को भेजकर नीलगाय के बच्चे का इलाज कराने के साथ ही नीलगायों की मौत के संबंध में जानकारी लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।