शहर में फोर-लेन के अलावा अन्य मार्गों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है। निर्माण कार्य के बाद सड़क तो बना दी लेकिन सड़क किनारे सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। हाईवे पर सुरक्षा ग्रिल न होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पूर्व में हुए हादसों के बाद भी पीडब्ल्यूडी कोई सबक लेना नहीं चाहती।
शहर से गुजर रही फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। कुरावली से होकर फोरलेन ईशन नदी, राधारमन रोड, स्टेशन रोड होते हुए इटावा मार्ग से जुड़ रही है। कई स्थानों पर सड़क के बीच डिवाइडर तो बना दिए लेकिन सड़क किनारे सुरक्षा ग्रिल नहीं लगाई गई। ईशन नदी से कुरावली के लिए यू-टर्न लेते ही सड़क के दोनों ओर गहरी खाई है। मगर यहां पर भी पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा ग्रिल लगाना जरूरी नहीं समझा। हाईवे से तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा इंतजाम न होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन विभाग चैन की नींद सो रहा है। जिले में कई मार्गों का भी कुछ ऐसा ही हाल है।
वर्ष 2016
हादसा नंबर-1 पाम आइल से भरा टैंकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। पाम आयल फैलने के साथ ही चालक परिचालक घायल हो गए थे।
हादसा नंबर-2 किशनी से नेजा चढ़ाकर थाना एलाऊ स्थित गांव लौटा रहा ट्रैक्टर खाई में पलटने से 13 से अधिक लोग घायल हुए थे।
हादसा नंबर-3 थाना बिछवां क्षेत्र में सवारियों से भरा टेंपो खाई में पलटने से छह से अधिक सवारियां घायल हो गईं थीं।
हादसा नंबर-4 मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर ट्रक से भिड़ंत के बाद डीसीएम खाई में पलटने से चालक परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
हादसा नंबर-5 सोमवार को मैनपुरी किशनी मार्ग पर सड़क किनारे सुरक्षा ग्रिल न होने से वैगनआर कार खाई में गिर गई। हादसे में कार चला रहा आगरा निवासी युवक घायल हो गया।
यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर मार्गों का निर्माण हो रहा है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा और मानक के अनुसार ही सड़कों का निर्माण होगा।
-चंद्रपाल सिंह, डीएम