गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा इलाका
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ताबड़तोड़ फायरिंग, जो भी सामने आया, उसी पर बदमाश गोली दाग रहे थे। सेल्समैन, भाजपा नेता के निजी सुरक्षाकर्मी और एक पुलिस कर्मी बदमाशों की फायरिंग में घायल हो गया। एक राहगीर बदमाशों की कार के सामने आ गया तो उसे भी गोली मार दी। वारदात थाना दन्नाहार क्षेत्र में हुई और बदमाशों व पुलिस के बीच मुठभेड़ थाना करहल क्षेत्र में। दोनों ओर से गोलियां चल रही थीं और लोग दहशत में थे। मुठभेड़ खत्म हुई तो एक बदमाश की लाश पुलिस को मिली, तीन को जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों का मिनी पीजीआई सैफई में उपचार चल रहा हैं।
वारदात में घायल हुए भाजपा नेता का निजी सुरक्षाकर्मी जीतू जिला अस्पताल लाया गया तो वह दहशत में था। पुलिस और अन्य लोगों ने घटना के बारे में पूछा तो वह कुछ भी जवाब नहीं दे पा रहा था। यही हाल जब मौके पर मौजूद अन्य लोगों का भी था। प्रत्यक्षदर्शियों को बताया कि किस तरह बदमाश भाजपा नेता की हत्या के समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे थे। पहले उन पर केबिन में एक बदमाश ने गोलियां बरसाईं। इस दौरान घायल होने के बाद भी मदन चौहान ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बदमाश पर फायरिंग की। बदमाश को भी उनकी गोली भी लगी। इसके बाद बदमाश के अन्य साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके बाद एक के बाद एक कई गोलियां उनके सिर को फाड़ती हुईं पार निकल गईं और वह वहीं गिर पड़े। इस दौरान एक गोली उनके गनर को भी लगी। बताया जा रहा है कि पास खड़े सेल्समैन जयकुमार ने बदमाशों का विरोध किया तो उसे भी गोली मार दी। था। उसे भी एक के बाद एक कई गोलियां बदमाशों ने मारीं। यह देख पंप पर पेट्रोल भरवाने आए और वहां मौजूद अन्य स्टाफ दीवार फांदकर खेतों की ओर भाग गए। उनमें से ही किसी ने 100 नंबर पर पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना के लगभग 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
आखिर किसकी गोली से मरा बदमाश
शुरू में बदमाश के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की बात सामने आ रही थी, लेकिन बाद पुलिस ने कहा कि वह क्रास फायरिंग में मदन चौहान की गोली लगने से घायल हुआ था। एएसपी शिष्यपाल सिंह ने बताया कि उस समय तो बदमाश उसे अपने साथ लेकर भाग गए, लेकिन आगे जाकर संभवत: उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई या फिर बदमाशों ने उसे घायल हालत में साथ लेकर भागने की स्थिति में पकड़े जाने के डर से गोली मारकर हत्या कर दी और शव शव करहल-कुर्रा मार्ग पर फेंक दिया। बाद में पीछा कर रही पुलिस को शव पड़ा मिला था।