जिले में जनवरी से लेकर 15 जुलाई तक तक अलग-अलग स्थानों पर 205 लोगों को सर्प ने डसा है। अस्पताल पहुंचने पर समय से एंटी स्नेक वेनम और इलाज मिलने के कारण ये सभी लोग ठीक हुए हैं। जबकि पांच लोग ऐसे हैं जो समय से अस्पताल न पहुंचने के कारण काल के गाल में समा गए हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में सर्पदंश के 255 मामले स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचे।
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इनमें से 13 लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उन लोगों की जान बचाई गई है जो समय से अस्पताल पहुंचे हैं। मौत होने वाले लोगों में वे लोग शामिल हैं जिनके परिजन पहले झाड़-फूंक में पड़े रहे और देर से अस्पताल पहुंचे। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि जिले में सर्पदंश के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई है कि सर्पदंश के मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाएं, ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
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डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों की जान बचाई गई, वे समय रहते अस्पताल पहुंच गए थे। वहीं, जिन लोगों की मौत हुई, उनके परिजन पहले झाड़-फूंक में उलझे रहे और अस्पताल पहुंचने में देरी हो गई।
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सांप डसने पर क्या करें
मरीज को शांत रखें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।
जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे स्थिर रखें और हिलाएं नहीं।
काटने का समय याद रखें और चिकित्सक को बताएं।
चिकित्सकीय सलाह पर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं।
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ऐसा करने से बचें
झाड़-फूंक या तांत्रिक के पास जाने में समय बर्बाद न करें।
सर्पदंश वाली जगह पर चीरा न लगाएं।
मुंह से जहर निकालने की कोशिश न करें।
प्रभावित स्थान पर कपड़ा या रस्सी न बांधें।
बर्फ, मिट्टी, तेल, मिर्च, हल्दी या कोई घरेलू लेप न लगाएं।
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आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में सर्पदंश के 255 मामले स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचे थे। इनमें 13 लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है।
जिला अस्पताल में इस साल के दर्ज आंकड़े
| महीना |
मरीज |
मौत |
| जनवरी |
11 |
1 |
| फरवरी |
13 |
1 |
| मार्च |
24 |
0 |
| अप्रैल |
40 |
1 |
| मई |
29 |
0 |
| जून |
57 |
1 |
| 15 जुलाई तक |
31 |
1 |
| कुल |
205 |
5 |
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