पिछले कुछ दिनों से जिले में उमसभरी गर्मी के साथ तेज धूप देखने को मिल रही है। मौसम में हुए परिवर्तन के कारण बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ नजर आई। यहां 741 मरीजों ने प्राथमिक उपचार लिया। एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव तारापुर निवासी गुलशन की 10 माह की पुत्री काव्या को कुछ दिन पहले बुखार और कुपोषण की स्थिति के कारण जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराया गया था।
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बुधवार की दोपहर अचानक काव्या की हालत बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। थाना बिछवां क्षेत्र के गांव सूरजपुर निवासी हरप्यारी (75) पत्नी दम्मीलाल को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन एक निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। मंगलवार की रात हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सीएमएस डाॅ. राज सिंह ने बताया कि बच्ची बुखार के साथ खून की कमी से जूझ रही थी। उसे हर संभव उपचार दिया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। वहीं वृद्धा को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था।
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