रास्ते में रजबहा में गिरी बहनों को देख हमाज मदद तो नहीं कर सका। लेकिन, उसने बहनों को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। दौड़ कर एक खेत के पास गया। वहां काम कर रहे किसानों को बहनों डूबने के बारे में बताया। इसके बाद माता पिता को बताने के लिए चला गया। जब तक लोग रजबहा के पास मदद के लिए पहुंचे और दोनों बच्चियों को बाहर निकाला।
तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। बहनों के शव देख हमाज की आंखों से आंसू बहने लगे। माता-पिता के आंसू भी बेटियों की मौत के बाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बहनें हमाज का बेहद ख्याल रखती थीं। वह अधिकतर समय उनके साथ ही बिताता था।
बुलडोजर की खोदाई से हुआ गहरा गड्ढा
रजबहा में डूबने से दो बच्चियों की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि चार दिन पहले बुलडोजर से रजबहा की खोदाई हुई थी। जिस कारण से वहां गहरा गड्ढा हो गया था। इसी गहरे गड्ढे में चले जाने की वजह से बच्चियों की मौत हुई है। रजबहा में इतना गहरा गड्ढा खोदा गया और निकाली गई मिट्टी का कोई पता नहीं है।