शहीद मेला एवं ग्राम विकास प्रदर्शनी पांडाल में राष्ट्रीय एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने हिस्सा लेकर एकजुट होकर देश की तरक्की के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री आलोक शाक्य ने फीता काटकर किया। सर्वधर्म के लोगों ने शहीदों की समाधि और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में राज्यमंत्री आलोक शाक्य ने कहा कि देश में अमन चैन कायम रखने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है। सर्वधर्म के लोग एकजुट होकर जब किसी कार्ययोजना को बनाते हैं तो निश्चित तौर पर समाज को एक सीख मिलती है। एकजुटता से ही देश की तरक्की औैर संपन्नता मिलती है। कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के लोगों ने भी देश की तरक्की के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प जताया। मेला प्रबंधक राज त्रिपाठी ने कहा कि विविधिता में एकता ही भारत की विशेषता है। यहां सभी धर्मों के लोग मिलजुलकर रहते हैं और एक दूसरे के त्योहार मनाते हैं। संयोजक सैय्यद जलालुद्दीन, असीमेंद्र गुप्ता ने अतिथियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में हाजी इदरीश अली, सरदार नाहर सिंह, जेके जार्ज, डाक्टर मनोज जैन, पिंकी मसीह, शंकर मसीह, सरदार मोहन सिंह, भगवान दास मिश्रा, छोटे प्रधान, श्याम त्रिपाठी, प्रकाश यादव आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन इंद्रपाल सिंह यादव और सतेंद्र पाल ने किया।