महिला सुरक्षा पर सिर्फ बात हुई, जागरूकता नहीं आई
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महिला सशक्तीकरण, महिला जागरूकता का दंभ भरा जाता है। स्कूल, कालेजों और प्रशासन ने महिला जागरूकता, बेटी बचाओ अभियान चलाए गए लेकिन जिले में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन महिलाओं के साथ ही सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। सिर्फ एक ही महिला एसओ है। किसी भी विभाग में कोई महिला अधिकारी तक तैनात नहीं है। उत्पीड़न तक के मामले हुए। किशनी क्षेत्र में महिला से सरेराह मारपीट का मामला हो या करहल में महिला कांस्टेबल से एसओ के अभद्रता के मामले चर्चा में रहे हैं।
केस नंबर 1: थाना किशनी क्षेत्र में दिसंबर 2016 में नामजद आरोपियों ने एक महिला को सरेराह लाठी डंडा से पीटकर लहूलुहान कर दिया था। मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस ने इस मामले में छेड़खानी आदि कई धाराओं में मामला दर्ज किया। उक्त मामले में महिला आयोग तक से जांच हुई। यही नहीं इस मामले में घटनास्थल पर महिला पुलिस पहुंची तक नहीं। बाद में एसपी ने नामजद आरोपियों के विरुद्ध एनएसए की कार्रवाई भी की थी।
केस नंबर 2: करहल थाने में तैनात महिला कांस्टेबल के घर में खाना बनाने की इंकार करने के बाद थानाध्यक्ष ने अभद्रता की थी। इस मामले में जब कांस्टेबल ने एसओ की शिकायत अधिकारियों से की तो मामले को हल्के में लिया गया। घटना ने जब मीडिया में तूल पकड़ा तो एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने एसओ को थाने से हटा दिया। वहीं महिला कांस्टेबल का भी बेवर थाने में स्थानांतरण किया गया। महिला कांस्टेबल का आरोप था कि नाराज एसओ ने मुंह में सिगरेट का धुंआ फेंकने के साथ ही जबरदस्ती काजू मुंह मे ठूंस दिए थे।
केस नंबर 3- बीते फरवरी माह में महिलाओं द्वारा ही उत्पीड़न का मामला सामने आया था। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ आरोपी युवक ने घर में ले जाकर दुष्कर्म किया था। इस वारदात में पड़ोसी महिलाओं ने आरोपी का सहयोग किया था। पुलिस पहले तो मामले को छेड़खानी का बताती रही बाद में रिपोर्ट दर्ज की। मगर कई दिनों बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
केस नंबर 4- थाना बरनाहल क्षेत्र निवासी आरोपी ने पहले एक विधवा से शादी रचाई। उसके बाद सौतेली नाबालिग पुत्री के साथ भी जबरिया दुष्कर्म किया। जब मां को इस बात की जानकारी हुई तो वह बच्चों को लेकर मायके आ गई। पुत्री से अवैध संबंध बनाने के लिए आरोपी पिता ने एक दलित की हत्या कर दी। इस घटना में पत्नी के भाइयों को नामजद कर दिया। मगर पुलिस जांच में मामला झूठा पाया गया और दो आरोपी जेल भेजे गए। मुख्य आरोपी को पुलिस अभी भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।