मैनपुरी। सपा आलाकमान ने सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रत्याशी बदल दिया है। अब इस पद के लिए राहुल यादव के स्थान पर घिरोर से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निर्विरोध जीतने वालीं संध्या यादव पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी होंगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा से संध्या उर्फ बेेबी यादव को प्रत्याशी बनाने से समूचे घिरोर क्षेत्र में हर्ष है। वह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भतीजे और बदायूं से सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन और पूर्व विधायक उर्मिला यादव के पुत्र अनुजेष प्रताप सिंह यादव की पत्नी हैं। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में वह घिरोर तृतीय वार्ड से निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। बिना विरोध के चुनीं जाने वाली वह मैनपुरी जिला पंचायत की इकलौती सदस्य हैं।
वहीं राहुल यादव की उम्मीदवारी कटने से करहल को पहली बार ये गरिमापूर्ण पद मिलने का मौका हाथ से निकल गया है। पूर्व मंत्री स्वर्गीय बाबूराम यादव के पौत्र और पूर्व विधायक अनिल यादव के पुत्र राहुल का इस पद के लिए घोषित टिकट कटने को लेकर चर्चाएं तो कई दिन से चल रही थीं। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिले की बात छोड़ भी दी जाए तो करहल क्षेत्र में ही सपा कई गुटों में बंटी हुई है। पूर्व मंत्री बाबूराम यादव सपा के एक कद्दावर जमीनी नेता थे और उन्हीं की विरासत को सहेजते हुए पूर्व विधायक अनिल यादव ने पुत्र राहुल को जिला पंचायत सदस्य की सीट लगातार दूसरी बार जिताई। राहुल का टिकट जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए घोषित होने के बाद से ही पार्टी में गुटबंदी शुरू हो गई थी। पार्टी मंच पर कई लोगों ने दावेदारी कर दी थी। इधर, पूर्व विधायक अनिल यादव विरोधी सपाई खेमा भी तेजी से सक्रिय हो गया और पार्टी आलाकमान के सामने प्रतिवेदनों की झड़ी लगा दी।
जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे अत्यधिक गरिमापूर्ण पद के लिए ऐसी जबर्दस्त होड़ के चलते सपा आलाकमान के सामने धर्म संकट के हालात पैदा हो गए। चूंकि युवा नेता राहुल यादव की उम्मीदवारी के खिलाफ पार्टी के अंदर से विरोध का उबाल थमने का नाम ले रहा था, इस कारण आलाकमान को निर्णय पर पुनर्विचार के लिए बाध्य होना पड़ा। वहीं बेबी यादव की दावेदारी ने भी सपा हाईकमान पर फैसला बदलने के लिए दबाव बनाया। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की भतीजी होने की वजह से भी उनके नाम पर पार्टी में आम सहमति आसानी से बन जाती। नतीजतन उन्हें सोमवार को वाकायदा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नया प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
इस संबंध में पूर्व विधायक अनिल यादव का कहना है कि अभी तक कोई अधिकृत सूचना नहीं मिली है लेकिन कई वरिष्ठ नेता टिकट कटवाने में लगे हैं। ऐसे में प्रत्याशी बदलने की पूरी संभावना है।
राहुल समर्थक हुए मायूस
मैनपुरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए युवा नेता राहुल यादव का पूर्व घोषित टिकट कटने से पूर्व मंत्री स्वर्गीय बाबूराम यादव के परिवार से जुड़े सपाई खेमा में मायूसी है। करहल क्षेत्र में सत्ताधारी नेताओं की खेमे बंदी किसी से छुपी नहीं है। कोई किसी गुट का समर्थक है तो कोई किसी का विरोधी। पूर्व विधायक अनिल यादव भी इसी गुटबंदी का शिकार हुए हैं, यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। राहुल यादव जिला पंचायत सदस्य पद पर लगातार दूसरी बार चुने गए हैं। खेमेबंदी की राजनीति ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका छीन लिया। इससे उनके समर्थकों में मायूसी है।