गेहूं खरीद के लिए 10 नए केंद्र बनाए गए हैं। 66 खरीद केंद्रों पर 12 दिन में मात्र 5381 क्विंटल खरीद हो सकी है। जबकि गेहूं खरीद के लिए 5.40 लाख क्विंटल का लक्ष्य तय है। खरीद एजेंसियों को यह लक्ष्य 15 जून तक पूरा करना है।
सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य 100 रुपया बढ़ाकर 1625 रुपया प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का निर्णय लिया है। शासन ने किसान को किसी भी खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने की इस बार अनुमति दी है। 66 खरीद केंद्रों पर पांच एजेंसियों को किसानों का गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 12 अप्रैल तक सरकारी खरीद केंद्रों पर मात्र 5381 क्विंटल गेहूं की ही खरीद की जा सकी है। किसान को मानक के अनुसार गेहूं नहीं होने पर परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। पूर्व के 56 केंद्र बढ़ाकर 66 किए गए हैं। पीसीएफ के चार, पीसीयू के छह खरीद केंद्र नए बना दिए गए हैं।
संस्था खरीद केंद्र खरीदा गेहूं
खाद्य विभाग 07 2146 क्विंटल
पीसीएफ 46 1843 क्विंटल
यूपी स्टेट एग्रो 03 107 क्विंटल
कर्मचारी कल्याण निगम 02 940 क्विंटल
भारतीय खाद्य निगम 02 344 क्विंटल
उप्र कोआपरेटिव यूनियन 06 शून्य
भोजपुरा के किसान अशोक कुमार का कहना है मंडी में किसान को नकद भुगतान मिलता है। आढ़ती को गेहूं बेचने में आसानी रहती है। आढ़ती हर तरह का गेहूं खरीद लेता है। सरकारी खरीद केंद्र पर मानक के अनुसार ही गेहूं खरीदा जाता है।
लालपुर के किसान चरन सिंह का कहना है मानक के अनुसार गेहूं न होने की बात सुनकर सरकारी केंद्रों से जब किसान वापस लौटता है तो उसको भाड़े का नुकसान होता है। मानसिक और आर्थिक कष्ट अलग से होता है। मंडी बंद होने से भी किसान परेशान हो रहा है।
खरीद केंद्रों पर 10 रुपया प्रति क्विंटल की दर से उतराई एवं छनाई में किसानों से नकद लेकर आरटीजीएस के माध्यम से किसानों को भुगतान किया जा रहा है। अभी तक किसी भी किसान ने कोई शिकायत नहीं की है।
- नंद किशोर, खाद्य विपणन अधिकारी
गेहूं खरीद के 66 खरीद केंद्रों पर 15 जून तक सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक गेहूं खरीदा जाएगा। हर हाल में निर्धारित लक्ष्य 5.40 लाख क्विंटल की पूर्ति की जानी है। किसान किसी भी खरीद केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं।
- चंद्रपाल सिंह, जिलाधिकारी