मोहनपुर के प्राचीन गमां देवी मंदिर में बुधवार रात अराजक व्यक्ति ने भगवान
की प्रतिमाएं तोड़ दी। ग्रामीणों का आरोप था गांव के ही युवक ने पुजारी से
अभद्रता कर प्रतिमा तोड़ने की धमकी दी थी। गुरुवार को इसके विरोध में
हंगामा हुआ। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर
दी है।
ग्रामीणों ने बताया कि सौ साल पुराने मंदिर में गमां देवी के अलावा
शिवलिंग, हनुमान, मां काली, भगवान गणेश आदि की प्रतिमाएं थीं। बुधवार को
गांव के ही एक युवक ने मंदिर पहुंचकर पुजारी आलोक बाबा से अभद्रता की और
धमकी दी कि रामनवमी से पहले मंदिर को ध्वस्त कर दिया जाएगा। पूजा के लिए
आने वाली महिलाओं को भी धमकाया। आरोप है कि बुधवार शाम सलामत खां मंदिर
पहुंचा और मंदिर में स्थापित प्रतिमाएं तोड़नी शुरू कर दी। जब तक ग्रामीण
पहुंचे वह भाग गया। उसके साथ गांव का एक अन्य युवक भी बताया गया। गुरुवार
सुबह मंदिर की प्रतिमाएं तोड़े जाने को लेकर गांव में आक्रोश फैल गया।
सूचना पर बजरंग दल के जिला संयोजक सुशील यादव कार्यकर्ताओं के साथ मोहनपुर
पहुंच गए।
जानकारी पाकर एसडीएम भोगांव पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। इस
दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और एसडीएम के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने मौके पर ही घटना की तहरीर लेकर
रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर हिंदूवादी नेताओं और
ग्रामीणों को शांत किया। पुलिस ने सलामत खां और विनीत शाक्य के खिलाफ
मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि विनीत मानसिक रुप से विक्षिप्त
हैं।
बजरंग दल के जिला संयोजक सुशील यादव ग्रामीण अतुल पांडेय, विनीत
कुमार, रवि शर्मा, पुनीत राजपूत, अनिल कठेरिया ने आरोपी की गिरफ्तारी के
लिए पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि यदि गिरफ्तारी नहीं हुई
तो पुलिस के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों की सूझबूझ से माहौल बिगड़ने से बचा
मोहनपुर
में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता था लेकिन गांव के बुजुर्गों की सूझबूझ
से मामला बढ़ने से बच गया। ग्रामीणों ने युवाआें और हिंदूवादी नेताओं को
किसी प्रकार की गड़बड़ी करने से रोका।
मोहनपुर के मंदिर में
प्रतिमाएं तोड़ने के मामले मेें आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर
ली गई है। गांव में अहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की जा रही है। जल्द ही
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रीकांत सिंह, एसपी