फ़ोटो 25 प्रशिक्षण में जानकारी देते जिला समन्वयक। स्रोत विभाग
मैनपुरी। प्राथमिक विद्यालयों से को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम होंगे। इसके लिए नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण सोमवार को एक मैरिज होम में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण में नोडल शिक्षकों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली जानकारियों से अवगत कराया गया। जिला समन्वयक प्रशिक्षण पुष्पेंद्र सिंह ने नोडल शिक्षकों से कहा कि संकुल स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रशिक्षित किए जाएं।
जिले में 1161 आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालयों से को-लोकेटेड हैं। इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी की शिक्षा प्रदान की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यहां आने वाले बच्चों को खेल-खेल में बेहतर ज्ञान दे सकें, इसके लिए स्कूल रेडिनेस मॉडयूल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन मॉड्यूल के माध्यम से प्री-प्राइमरी के बच्चों का मानसिक विकास किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ईसीसीई एजुकेटर प्री-प्राइमरी के बच्चों को मॉड्यूल के माध्यम से शिक्षा देंगे। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाना है।
प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को न्याय पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण दिलाना है। सोमवार को न्याय पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण के लिए संकुल शिक्षकों को जनपद स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिले के 81 संकुल शिक्षक के साथ ही एकीकृत बाल विकास योजना के सुपरवाइजर भी शामिल हुए। जनपदीय प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार, संतोष कुमार और जिला समन्वयक पुष्पेंद्र कुमार ने उन्हें प्रशिक्षण दिया।