फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कवि सम्मेलनों पर व्यवसायीकरण हावी

Sat, 23 Apr 2016 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
विज्ञापन
कवि सम्मेलनों पर व्यवसायीकरण हावी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
वर्तमान में कवि सम्मेलनों पर व्यवसायीकरण हावी हो गया है। ऐसे में हम कवि लोगों की पसंद से ज्यादा इस पर जोर देने लगे हैं कि अधिक से अधिक आय कैसे होगी। ऐसे में कविता के स्तर में थोड़ी सी गिरावट आई है। लेकिन इसके लिए श्रोता भी जिम्मेदार हैं। यह कहना है लखनऊ से आईं कवयित्री डाक्टर सुमन दुबे का।
विज्ञापन


 शनिवार देर रात श्रीदेवी मेला एवं ग्राम्य सुधार प्रदर्शनी में कादंबरी मंच पर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसके संयोजक सदर विधायक राजकुमार यादव व सह संयोजक दयाशंकर तिवारी रहे। इससे पूर्व कवियों ने बातचीत में कहा कि वर्तमान में हर क्षेत्र में गिरावट आई है। ऐसे में कविताओं और कवि सम्मेलन भी इससे अछूते नहीं है। इसका मुख्य कारण श्रोता भी हैं। गिने चुने श्रोता ही गंभीर विषयों पर कविता सुनना पसंद करते हैं। यही कारण है कि आजकल के युवा कवि भी गंभीर विषयों पर कविता नहीं लिखते। इसके अलावा वर्तमान में व्यावसायिकरण भी काफी हावी हो गया है। आयोजक से लेकर कवि भी अर्थ पूर्ण हो गए हैं। कवि सम्मेलन में भाग लेने के लिए डाक्टर बेचैन गाजियाबाद, विनीत चौहान अलवर राजस्थान, अशोक चक्रधर दिल्ली, बलराम श्रीवास्तव, शशिकांत यादव देवास मध्यप्रदेश, डाक्टर सुमन दुबे लखनऊ समेत कई कवि आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें