फोटो 4 बेवर डिपो के स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
बेवर। गोवर्धन के मुड़िया मेला में बेवर डिपो से 25 बसों को भेजे जाने के बाद स्थानीय मार्गों पर यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे दैनिक यात्रियों के साथ ही नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेला समाप्त होने तक यानी 30 जुलाई तक बसों की कमी की समस्या बने रहने की संभावना है।
बेवर डिपो की 54 बसों में से 25 बसों को मेला में भेजा गया है। यात्रियों का कहना है कि डिपो से बड़ी संख्या में बसें मेला ड्यूटी में भेजे जाने के कारण स्थानीय रूट प्रभावित हुए हैं। बसों के निर्धारित समय पर नहीं मिलने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार बस आने पर उसमें पहले से ही अधिक भीड़ होने के कारण बैठने की जगह भी नहीं मिलती। यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्टेशन प्रभारी नीलम शर्मा ने बताया कि मेला ड्यूटी के लिए 25 बसें भेजे जाने के बाद भी डिपो की 29 बसों का संचालन नियमित रूप से किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए जिन मार्गों पर सवारियों की संख्या अधिक है, वहां बसों के फेरे बढ़ाकर परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मांग के अनुसार बसों का संचालन कराया जा रहा है।
रोजमर्रा के काम से बस से यात्रा करता हूं। पहले निर्धारित अंतराल पर बसें मिल जाती थीं, लेकिन इन दिनों बसों के इंतजार का समय बढ़ गया है। कई बार काफी देर तक बस नहीं आती और जब आती है तो उसमें यात्रियों की भीड़ रहती है।
- इंद्रपाल सिंह, बेवर।
मेला के लिए बसों को भेजा जाना जरूरी है, लेकिन स्थानीय यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। रूट पर बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
- अमित कुमार सक्सेना, बेवर।